ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध चिल्का झील के ऊपर दिखा भयंकर बवंडर,

ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध चिल्का झील के ऊपर आसमान छूता बवंडर घूमता हुआ दिखाई देने पर पर्यटक स्तब्ध व भयभीत हो गए. तटीय राज्य ओडिशा में हर साल इस समय चक्रवातों और तूफानों का सिलसिला देखने को मिलता है, लेकिन यह शायद पहली बार है जब राज्य में कहीं भी बवंडर देखा गया है, जिससे यह अद्भुत वाकिया होने के साथ-साथ चर्चा का विषय बन गया है.

दरअसल, जलप्रपात या विशाल बवंडर जैसी दिखने वाली यह दुर्लभ घटना चिल्का झील की अधिष्ठात्री देवी कालीजय मंदिर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में देखी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बवंडर उस समय अचानक आया जब सैकड़ों पर्यटक नाव की सवारी और पर्यटन स्थल पर भ्रमण का आनंद ले रहे थे. वायुमंडलीय दबाव में अचानक बदलाव से हवा और पानी का एक विशाल चक्र बन गया, जिससे पर्यटकों में दहशत फैल गई और कई लोग चीखने-चिल्लाने लगे और अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए.

स्थानीय लोगों ने घटना को बताया ‘हत्यासुंध’

स्थानीय लोग इस घटना को ‘हत्यासुंध’ कहते हैं – जिसका अर्थ है हाथी की सूंड – क्योंकि इसकी आकृति विशिष्ट होती है. यह नजारा कुछ मिनटों तक चला और फिर धीरे-धीरे खत्म हो गया. कई पर्यटकों ने इस दुर्लभ घटना के वीडियो बना लिए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं.

70 किलोमीटर लम्बी तथा 30 किलोमीटर चौड़ी है चिलिका झील

आपको बता दें कि ओडिसा की चिलिका झील 70 किलोमीटर लम्बी तथा 30 किलोमीटर चौड़ी है. यह समुद्र का ही एक भाग है जो महानदी द्वारा लायी गई मिट्टी के जमा हो जाने से समुद्र से अलग होकर एक छीछली झील के रूप में हो गया है. दिसम्बर से जून तक इस झील का जल खारा रहता है किन्तु वर्षा ऋतु में इसका जल मीठा हो जाता है. इसकी औसत गहराई 3 मीटर है. इस झील के पारिस्थितिक तंत्र में बेहद जैव विविधताएँ हैं. यह एक विशाल मछली पकड़ने की जगह है. यह झील 132 गाँवों में रह रहे 150,000 मछुआरों को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है.

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