मुजफ्फरनगर के चरथावल विकास खंड परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक विशाल पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने बढ़–चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी आवाज बुलंद की। पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राकेश टिकैत और राष्ट्रीय महासचिव राजवीर जादौन ने सरकार और प्रशासन की नीतियों पर जमकर निशाना साधते हुए किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। एनसीआर अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस पंचायत में किसानों ने बिजली, सड़क, आवारा पशु और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में गांवों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए साफ कहा कि किसी भी कीमत पर किसानों के घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे। उन्होंने बिजली विभाग पर किसानों के उत्पीड़न और जबरन लोड बढ़ाने के आरोप लगाए और चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो किसान बिजली विभाग के दफ्तरों का घेराव करने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही उन्होंने किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की मांग भी उठाई।
पंचायत के दौरान किसानों की मांगों को ध्यान में रखते हुए मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। घोषणा की गई कि ग्राम चोकड़ा में एक महीने के भीतर सहकारी समिति के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी, जबकि ग्राम कुल्हेड़ी में चार महीने के भीतर नई कोऑपरेटिव सोसाइटी की नींव रखी जाएगी। इसके अलावा पंचायत में आवारा पशुओं की समस्या, नलकूपों पर बढ़ती चोरी की घटनाएं और क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर प्रशासन से जवाब तलब किया गया। किसानों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण उनकी खेती और रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं।पंचायत के समापन पर भाकियू पदाधिकारियों ने एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी और सीओ सदर डॉ. रविशंकर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें कुल्हेड़ी में ट्रांसफार्मर स्थापना, सड़कों के निर्माण, नलकूपों पर हो रही चोरी की घटनाओं के खुलासे और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग प्रमुख रूप से शामिल थी। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य कामिल त्यागी और मास्टर आरिफ सहित दर्जनों लोगों ने भारतीय किसान यूनियन की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को और मजबूती मिली। पंचायत का संचालन राजेंद्र भगत ने किया, जबकि अध्यक्षता नंदकिशोर शर्मा ने की। कुल मिलाकर यह पंचायत किसानों के लिए एकजुटता और अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाने का बड़ा मंच साबित हुई, जिसमें आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करने के संकेत भी साफ नजर आए।















