मुजफ्फरनगर में किसान मजदूर संगठन द्वारा भ्रष्टाचार और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर कार्यवाही नहीं हुई तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। आंदोलनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी, बिजली विभाग, सिंचाई और गन्ना विभाग समेत विभिन्न सरकारी विभागों में भारी भ्रष्टाचार है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।महापंचायत को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते किसानों और आम जनता का शोषण हो रहा है। उन्होंने चकबंदी मामलों में अनियमितताओं और विद्युत विभाग में कार्यरत एल एंड टी कंपनी की जांच की मांग दोहराई। आरडीएस योजना के अंतर्गत हुए कार्यों में भी भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया। साथ ही आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए किसानों को 300 रुपये प्रतिदिन भुगतान, भैंसाना शुगर मिल से लंबित भुगतान दिलाने, लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़कों की जांच और अधूरे पानीपत–खटीमा राजमार्ग पर टोल बंद कराने की मांग की गई।धरने की अध्यक्षता राजकुमार सिंह और संचालन अन्नू मलिक ने किया। इस दौरान सैकड़ों किसान उपस्थित रहे और डीएम कार्यालय परिसर में दाल–चावल का भंडारा भी किया गया।















