बांदा। रानी दुर्गावती सभागार, विकास भवन बाँदा में आयोजित ळैज् उत्सव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के किसान भाई-बहनों को बड़ा उपहार दिया। जिलाधिकारी जे.रीभा ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार जिले के किसानों को 42,000 करोड़ रुपये की कृषि परियोजनाओं का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पीएम धन-धान्य कृषि योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना की शुरुआत की गई। इसके साथ ही कृषि अवसंरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 1000 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया गया। सुरेश कुमार वैश, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत राष्ट्रीय गोकुल मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित मैत्री जो गांव में किसानों के यहां कार्य करते हैं, उन्हें शासन द्वारा निशुल्क सहायता प्रदान की जाती है। नेशनल लाइफ का स्टाफ मिशन के अंतर्गत बकरी पालन और शुगर पालन में किसानों को 20 लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी, जिसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी शासन द्वारा प्रदान की जाती है। यह योजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।भाजपा जिला अध्यक्ष कल्लू राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमेशा किसानों की चिंता करते हैं। यह कोई राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के लिए है। जनपद में फसल क्षेत्रफल के लक्ष्य पूरी तरह से हासिल किए गए हैं और किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने बताया कि पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं से बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थितियों में कृषि और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुराने समय में प्राकृतिक खेती से आर्थिक समृद्धि मिलने के बावजूद आधुनिक खेती और उर्वरक के उपयोग ने इसका महत्व कम कर दिया था। पीएम मोदी के निर्देश से प्राकृतिक खेती, सिंचाई संसाधन और पशुपालन को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े पैमाने पर परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 100 साल पुरानी नहर प्रणाली को ठीक कर किसानों को सिंचाई सुविधा दी जा रही है, तथा दो-दो बराज और स्प्रिंकलर सिंचाई योजना के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचेगा।जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए, किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आमदनी बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और बुंदेलखंड क्षेत्र की कृषि स्थितियों में सुधार लाने के लिए ऐतिहासिक है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, उप कृषि निदेशक डा. अभय कुमार सिंह यादव और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी किसानों और अधिकारियों को आश्वस्त किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।















