मुजफ्फरनगर। प्रदेश शासन के निर्देशानुसार हर माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाला किसान दिवस इस बार 20 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। जिले के उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने जानकारी दी कि किसान दिवस का आयोजन जिला स्तर पर दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभागार में होगा। इसके साथ ही विकास खंड स्तर पर भी सभी खंड विकास अधिकारी अपने–अपने कार्यालयों के सभाकक्ष में कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। इस अवसर पर जिले भर के किसान अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।किसान दिवस का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना है। कार्यक्रम के दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, सहकारिता, मत्स्य, कृषि विपणन, कृषि रक्षा, बीज, खाद, फसल बीमा तथा ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। वे किसानों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगे और यह भी समझाएंगे कि किस प्रकार किसान उन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।किसान दिवस में गन्ना किसानों की समस्याओं से लेकर खाद–बीज वितरण, बिजली आपूर्ति, नलकूपों की व्यवस्था, फसल बीमा के दावे, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई, पशुपालन से जुड़ी दिक्कतें और चारा संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसान भाइयों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और यथासंभव तत्काल समाधान करें। जिन समस्याओं का निस्तारण मौके पर संभव नहीं होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।इसके अतिरिक्त किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पशुधन बीमा योजना, महिला किसान सशक्तिकरण अभियान जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को तकनीकी जानकारी और कृषि में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल के लाभ भी बताए जाएंगे।किसान दिवस केवल समस्याओं के समाधान का मंच ही नहीं बल्कि किसानों और प्रशासन के बीच संवाद का अवसर भी है। इस आयोजन से किसानों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी तो मिलती ही है, साथ ही वे अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचा भी सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से किसानों का विश्वास बढ़ता है और उन्हें आधुनिक कृषि अपनाने की प्रेरणा मिलती है।















