फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के नेटवर्क का पर्दाफाश, 15 हजार का इनामी आरोपी समेत तीन गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। थाना छपार पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने तथा लोगों से अवैध रूप से धन वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 15 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी इमलाख उर्फ इमलाक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, विजिटिंग कार्ड, लैटरहेड, मेडिकल रिपोर्ट, मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त एक शिकायत में शेरपुर निवासी इमलाख उर्फ इमलाक पर आरोप लगाया गया था कि उसने पैसे लेकर धोखाधड़ी की, मूल दस्तावेज अपने कब्जे में रख लिए तथा अतिरिक्त धन की मांग की। शिकायत की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कथित रूप से लोगों से धन लेकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी को पूर्व में उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा भी गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना छपार में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी अपने कुछ साथियों के साथ ताजपुर रजवाहा बरला बसेड़ा रोड पर किसी स्थान पर भागने की तैयारी में मौजूद है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक संदिग्ध कार की जांच की। पूछताछ में आरोपियों की पहचान इमलाख उर्फ इमलाक निवासी शेरपुर, डॉ. वी.के. गौतम तथा डॉ. मंसूर उलहक के रूप में हुई। तलाशी के दौरान पुलिस ने 32 विजिटिंग कार्ड, 6 खाली लैटरहेड, 4 भरे हुए लैटरहेड, 4 मेडिकल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कवर, मरीजों के नाम से 6 बुकलेट, 3 मोबाइल फोन तथा एक कार बरामद की।

पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री का उपयोग लोगों को झांसा देने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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