केंद्रीय आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद महाराष्ट्र की महायुति सरकार में अब कुछ बदला-बदला सा माहौल है। ये सब बातों के जरिए नहीं बल्कि सीएम फडणवीस के फैसलों से नजर भी आ रहा है।सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम का प्रमुख एक ब्यूरोक्रेट को नियुक्त किया था। लेकिन अब सीएम ने अपना ही फैसला पलटते हुए शिवसेना कोटे से मंत्री प्रताप सरनाईक को निगम का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था।
इस फैसले को शिंदे और सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच नाराजगी दूर करने का एक प्रयास माना जा रहा है। बता दें कि सीएम फडणवीस ने पिछले महीने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम का प्रमुख एक ब्यूरोक्रेट को बना दिया था। सीएम के इस फैसले से शिंदे को बीजेपी खुश करना चाहती है। गौरतलब है महायुति सरकार बनने के बाद से ही एकनाथ शिंदे पिछले काफी समय से नाराज चल रहे हैं। इसके पीछे की वजह सीएम नहीं बन पाने से लेकर उनकी सरकार द्वारा किए फैसलों का रिव्यु करना है।
ब्यूरोक्रेट को नियुक्त किया गया था
बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 6 फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय सेठी को एमएसआरटीसी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी ब्यूरोक्रेट को इस पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले निगम का अध्यक्ष परिवहन मंत्री या किसी राजनीतिक उम्मीदवार को ही बनाया जाता है। सीएम शिंदे ने भी अपने कार्यकाल के दौरान विधायक भरत गोगावले को निगम का प्रधान नियुक्त किया था।
इन फैसलों से नाराज हुए शिंदे
गौरतलब है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अब तक कई ऐसे फैसले लिए हैं जो महायुति सरकार में तनातनी बढ़ाने वाले हैं। इसमें शिवसेना के अधिकांश नेताओं की वाई+ सुरक्षा वापस लेना, रायगढ़ और नासिक का संरक्षण मंत्री शिवसेना से नहीं बनाना, एमएसआरटीसी के लिए 1310 बसें और स्वास्थ्य विभाग के लिए 900 से अधिक एंबुलेंस खरीदने जैसे फैसले शामिल हैं।















