मुज़फ्फरनगर। बुढाना के डाकघर में विश्व डाक दिवस के अवसर पर एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. राजीव कुमार और शिवराज सिंह ने डाक विभाग के कर्मचारियों को फूलमाला पहनाकर और उपहार भेंटकर सम्मानित किया। प्रत्येक वर्ष 9 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व डाक दिवस इस बार भारतीय डाक विभाग के लिए विशेष रहा क्योंकि वर्ष 2025 की थीम “Posts For People” रखी गई है। इस थीम का संदेश है कि डाक सेवाएं केवल पत्र और पार्सल तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अब यह लोगों की जिंदगी को आसान बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का माध्यम बन चुकी हैं।
भारतीय डाक विभाग ने इस थीम को आत्मसात करते हुए आईटी क्रांति और हरित भविष्य की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। “आईटी 2.0” प्रोजेक्ट के तहत देशभर के 1.65 लाख से अधिक डाकघरों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य हर ग्रामीण और शहरी पोस्ट ऑफिस को रियल टाइम डिजिटल सर्विस सेंटर में बदलना है। इस प्रोजेक्ट में कोर सिस्टम इंटीग्रेटर 2.0, कोर बैंकिंग सोल्यूशन और कोर इंश्योरेंस जैसी तकनीकें शामिल हैं, जिससे अब ग्रामीण डाक सेवक हैंडहेल्ड डिवाइस की मदद से गांव-गांव में मनी ऑर्डर, जमा-निकासी और डीबीटी भुगतान जैसी सेवाएं दे रहे हैं।
डिजिटल क्रांति के साथ भारतीय डाक विभाग हरित भविष्य का संदेश भी दे रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ साझेदारी में इको-फ्रेंडली पार्सल पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। देशभर में वृक्षारोपण और सफाई अभियान आयोजित किए गए हैं, जबकि कई डाकघरों में सौर ऊर्जा उपकरण और पेपरलेस सिस्टम लागू किए गए हैं। इसके साथ ही विभाग ने पर्यावरण से जुड़ी थीम पर कई डाक टिकट जारी किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।
भारतीय डाक विभाग अब “गली से ग्लोबल” स्तर तक हरित भविष्य और डिजिटल भारत का संदेश प्रसारित कर रहा है, जिससे यह केवल पत्राचार का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन और पर्यावरण जागरूकता का सशक्त प्रतीक बन चुका है।
















