सहारनपुर स्थित आयशा मॉडल स्कूल में सत्रांत के अवसर पर एक भव्य और भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें समूह नृत्य, गीत, कविताएं और सामाजिक संदेश पर आधारित नाटक शामिल रहे। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और माहौल उत्साह व उमंग से भर गया।
इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक मुजाहिद नदीम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से कभी घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हर चुनौती अपने साथ एक नया अवसर लेकर आती है और वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जो कठिनाइयों का डटकर सामना करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता की कुंजी बताते हुए जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आधार है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य आयशा जमाल ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय में बिताए गए वर्ष जीवन की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने कहा कि यहां से मिली शिक्षा, संस्कार और अनुशासन विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे। प्रधानाचार्य ने सभी छात्र-छात्राओं को उपहार भेंट कर उन्हें भावनात्मक रूप से विदाई दी। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक नजर आए और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के अध्यापकों ने भी बच्चों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है और उन्हें अपने ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ईमानदारी, परिश्रम और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन में अपनाने की सीख दी।कार्यक्रम के दौरान रूबी, दानिश, कुलसुम, शबाना, शीबा और रुहीना सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी ने मिलकर समूह छायाचित्र खिंचवाए और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस तरह हंसी, खुशी और भावनाओं से भरा यह विदाई समारोह यादगार बन गया।















