अमेरिका में बर्ड फ्लू के कारण अंडों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर, एक दर्जन की कीमत ₹860 तक पहुंची

अमेरिका में अंडों के दाम आसमान छू रहे हैं. बर्ड फ्लू के चलते देश में अंडों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. कभी बजट फ्रेंडली माने जाने वाले अंडे अब लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं. कुछ जगहों पर तो एक दर्जन अंडों की कीमत ₹860 (लगभग $10) तक पहुंच गई है. इसके पीछे वजह है बर्ड फ्लू जो अमेरिका में अपना पैर पसार रहा है.अमेरिका में बर्ड फ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इसे वैज्ञानिक रूप से हाइली पैथोजेनिक एवियन इंफ्लूएंजा (HPAI) कहा जाता है. संक्रमण को रोकने के लिए लाखों मुर्गियों को मारना पड़ रहा है, जिससे अंडे देने वाली मुर्गियों की संख्या तेजी से घट रही है. पिछले साल के आखिरी तीन महीनों में ही 20 मिलियन से अधिक अंडे देने वाली मुर्गियों को मारना पड़ा, जिससे सप्लाई पर भारी असर पड़ा है.

अंडे बने लग्जरी आइटम!

बढ़ती कीमतों के चलते अमेरिका में कई घरों में अंडो की खपत घटने लगी है. कुछ दुकानों में तो अंडों की भारी किल्लत हो गई है, जिससे ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही अंडे खरीदने दिए जा रहे हैं. हालांकि बर्ड फ्लू का असर सिर्फ पारंपरिक अंडों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑर्गेनिक और केज-फ्री अंडों की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है.अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) के अनुसार, जनवरी 2025 में एक दर्जन ग्रेड-A अंडों की औसत कीमत $4.95 (₹429.91) तक पहुंच गई, जो अगस्त 2023 में दर्ज न्यूनतम $2.04 (₹176.47) के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है. यह इजाफा 2015 में आए बर्ड फ्लू संकट के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है.

ग्राहकों पर बढ़ रहा बोझ

अंडों की कीमतों में उछाल ने अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों को और भी ऊपर पहुंचा दिया है. श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, जनवरी 2025 में अंडों की कीमतों में 65% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसने खाने-पीने की चीजों की महंगाई को और बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने कुल फूड प्राइस में आई बढ़ोतरी में से दो-तिहाई हिस्सा सिर्फ अंडों की कीमत में बढ़ोतरी के कारण था.

कब मिलेगा राहत?

अंडों की कीमतें कब स्थिर होंगी, इस पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. अगर बर्ड फ्लू के हालात काबू में नहीं आए, तो अंडों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. अमेरिका के कृषि विभाग (USDA) के मुताबिक, सप्लाई चेन को दुरुस्त करने में अभी कुछ और महीने लग सकते हैं. फिलहाल, अमेरिकी उपभोक्ता महंगे अंडों के बीच अपनी जरूरतें एडजस्ट कर रहे हैं. वहीं, कुछ रेस्तरां और बेकरी ने अपने मेनू से अंडे आधारित डिशेज की संख्या भी घटानी शुरू कर दी है.

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