उम्र का असर या लाइफस्टाइल की गलती, जानें वजन बढ़ने का सच

उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रक्रिया है, लेकिन इसके साथ शरीर में कई बदलाव भी नज़र आते हैं। अक्सर लोग महसूस करते हैं कि पहले जैसा खाने के बावजूद भी उनका वजन लगातार बढ़ता ही जाता है।यह बदलाव केवल लाइफस्टाइल की वजह से नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले उम्र से जुड़े वैज्ञानिक परिवर्तन से भी जुड़ा होता है। मेटाबॉलिज्म कम होना, हार्मोनल बदलाव, मांसपेशियों में कमज़ोरी आना और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कई कारण उम्र के साथ वजन बढ़ने के पीछे जिम्मेदार होते हैं। इन कारणों को समझना बेहद जरूरी है ताकि

समय रहते सही खानपान और एक्सरसाइज के जरिए वजन को नियंत्रित किया जा सके और स्वस्थ जीवन जिया जा सके।

मेटाबॉलिज्म कम होना

उम्र बढ़ने के साथ शरीर का बेसल मेटाबॉलिक रेट कम होने लगता है। इसका मतलब है कि शरीर आराम की स्थिति में भी पहले की तुलना में कम कैलोरी बर्न करता है। जब कैलोरी कम बर्न होती है और खानपान पहले जैसा ही रहता है, तो अतिरिक्त ऊर्जा फैट के रूप में शरीर में जमा होने लगती है। यही कारण है कि 30 या 40 की उम्र के बाद वजन तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में वजन को नियंत्रण में रखने के लिए सख्ती से कुछ नियम अपनाने होते हैं।

मांसपेशियों की परेशानी

उम्र के साथ मांसपेशियों की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिसे सारकोपीनिया’ कहा जाता है। मांसपेशियां शरीर में कैलोरी बर्न करने का मुख्य कारण हैं। जब मसल मास घटता है, तो शरीर की ऊर्जा खपत कम होने लगती है। इस कारण वही पुरानी डाइट लेने पर भी वजन बढ़ता जाता है। इसलिए उम्र बढ़ने पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बेहद जरूरी हो जाती है।

हार्मोनल बदलाव

पुरुषों और महिलाओं दोनों में उम्र के साथ हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर काफी तेज़ी से घटने लगता है, जिससे पेट के आसपास फैट जमा होने लगता है। इसी तरह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने से मसल मास घटता है और फैट तेज़ी से बढ़ता है। ये हार्मोनल बदलाव वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण हैं।

शारीरिक गतिविधि

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, लोग शारीरिक रूप से कम एक्टिव रहने लगते हैं। ऑफिस जॉब, घर की जिम्मेदारियां और थकान के कारण नियमित एक्सरसाइज की आदत छूट जाती है। कम एक्टिव लाइफस्टाइल के चलते काई कम कैलोरी बर्न होती है और वजन तेज़ी से बढ़ने लगता है। नियमित वॉक, योग और हल्की एक्सरसाइज इस समस्या को कम कर सकते हैं।

नींद की कमी

उम्र बढ़ने के साथ नींद की गुणवत्ता भी काम होने लगती है। कम नींद से घ्रेलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन बहुत जल्दी असंतुलित होने लगते हैं, ये हमारी भूख और संतुष्टि को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा, तनाव बढ़ने पर कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर लगातार बढ़ता है, जो पेट के आसपास चर्बी जमा करने में अहम भूमिका निभाता है।

पाचन तंत्र

उम्र के साथ पाचन प्रक्रिया धीमी होने लगती है। इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता कम होने से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित होने लगता है और साथ ही फैट स्टोरेज बढ़ने लगता है। प्रोसेस्ड और हाई-कार्ब डाइट लेने से वजन तेजी से बढ़ता है। इसलिए फाइबर युक्त और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।

लाइफस्टाइल

उम्र के साथ कई लोग इमोशनल ईटिंग या अनियमित भोजन की आदत अपना लेते हैं। मीठा और तला-भुना खाने की इच्छा भी कई बार बढ़ जाती है। अगर डाइट पर नियंत्रण न रखा जाए, तो तेज़ी से वजन बढ़ना तय है। संतुलित आहार , पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और नियमित एक्सरसाइज से वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती हैं।

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