नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं राजस्थान में इस साल पहली बार पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे ठंड ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शीत लहर तेज हो गई है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और घने कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है, जबकि कुछ उड़ानों पर भी मौसम का असर पड़ा है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इन राज्यों के कई जिलों में शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। ठंडी हवाओं के कारण लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में सुबह और शाम के समय खुले में काम करना कठिन हो गया है। ठंड के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम देखी जा रही है, जबकि गर्म कपड़ों की बिक्री में इजाफा हुआ है।
राजस्थान में ठंड ने इस बार अलग ही रूप दिखाया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया, वहीं कुछ इलाकों में पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। खुले स्थानों पर पानी जमने की घटनाएं सामने आई हैं। कड़ाके की ठंड के कारण खेतों में फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीत लहर जारी रह सकती है और न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। कड़ाके की ठंड ने नए साल की शुरुआत को चुनौतीपूर्ण बना दिया है और लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।















