मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा और सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी तटों से बाहर निकलकर खेतों तक पहुंचने लगा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से गन्ना, धान और पशुओं के चारे की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। शनिवार को जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने खादर क्षेत्र के मजलिसपुर तोफीर, महाराज नगर, खैर नगर और सीताबपुरी गांवों का दौरा कर बाढ़ और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेतों में पहुंच रहे पानी तथा फसलों के नुकसान की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ने से खेतों में पानी भर रहा है। उन्होंने बाण गंगा के किनारे बांध निर्माण, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने, खादर क्षेत्र में लेखपाल की नियमित तैनाती और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा ग्रामीणों ने क्षेत्र में इंटर कॉलेज और अस्पताल के निर्माण की मांग भी रखी।
डॉ. वीरपाल निर्वाल ने ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि फसल मुआवजे के संबंध में जानसठ तहसील के अधिकारियों से बातचीत की गई है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थान उपलब्ध होने पर इंटर कॉलेज और अस्पताल निर्माण के लिए भी आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा।
नायब तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है और प्रशासन जलस्तर तथा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता रामकुमार शर्मा, डॉ. वीरपाल सहरावत, ग्राम प्रधान योगेश चौहान समेत कई ग्रामीण एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।























































