आज के समय में दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की डिमांड कितनी ज्यादा है, इससे तो आप वाकिफ होंगे ही. यहीं वजह है कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में अधिकतर छात्र एआई से जुड़े कोर्सेज में ही एडमिशन लेने के लिए बेचैन रहते हैं और उसमें भी अगर आईआईटी में पढ़ने का मौका मिल जाए, फिर तो छात्रों की बल्ले-बल्ले है. अगर आप भी एआई कोर्स करना चाहते हैं और वो भी घर बैठे, तो आपके लिए बेहतरीन मौका है. आईआईटी दिल्ली ने अपने एप्लाइड AI, ML और डिसीजन साइंस कोर्स के लिए एडमिशन शुरू कर दिए हैं.यह 8 महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स है और इसे उन प्रोफेशनल्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स में स्किल हासिल करना चाहते हैं. यह कोर्स eVIDYA द्वारा Emeritus के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 19 सितंबर 2026 से होगी और 15 मई 2027 को खत्म होगी.
कितनी है कोर्स की फीस?
इस कोर्स के लिए आवेदन 12 सितंबर 2026 से शुरू होंगे. कोर्स की फीस 1,60,000 रुपये है, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी भी शामिल है. क्लासेज शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी. अगर आप भी ये कोर्स करना चाहते हैं और घर बैठे मशीन लर्निंग सीखना चाहते हैं तो फटाफट अप्लाई कर दें. ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके अलावा मैथ्स, इंजीनियरिंग, साइंस और टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं.
थ्यौरी के साथ मिलेगा प्रैक्टिकल नॉलेज
आईआईटी दिल्ली के मुताबिक, कोर्स में एप्लाइड एआई और डिसीजन साइंस पर केंद्रित डूअल पिलर मॉडल अपनाया गया है. इसमें छात्र जनरेटिव एआई, एजेंटिक एआई, मशीन लर्निंग, फोरकास्टिंग मेथड्स, ऑप्टिमाइजेशन टेक्निक और डिसीजन इंटेलिजेंस सिस्टम की पढ़ाई करेंगे. छात्रों को थ्यौरी के साथ-साथ प्रोजेक्ट बेस्ड काम के जरिए प्रैक्टिकल नॉलेज भी दिया जाएगा.
IIT दिल्ली नहीं देगा कैंपस प्लेसमेंट
इस कोर्स में एआई और डिसीजन साइंस पर आधारित कैपस्टोन प्रोजेक्ट के साथ-साथ केस स्टडी पर आधारित एक प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिसमें पायथन, एक्सेल या लिंगो का उपयोग करके बिजनेस सॉल्यूशंस देने होंगे. आईआईटी दिल्ली का कहना है कि कोर्स की सभी जरूरतों को पूरा करने वाले छात्रों को ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा. हालांकि संस्थान ने ये स्पष्ट किया है कि यह कोर्स करने वाले छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट या किसी भी तरह का प्लेसमेंट दिलाने में संस्थान कोई मदद नहीं करेगा.























































