मुज़फ्फरनगर, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले विभिन्न विभागीय अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। उन्होंने अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत (नगरीय), लो.नि.वि. प्रांतीय खंड, सिंचाई विभाग, नगर पालिका व पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, उपजिलाधिकारी, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक, रोडवेज, सहायक विकास अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, जिला अग्रणी प्रबंधक, जिला कमांडेंट होमगार्ड, परिवहन अधिकारी सहित सभी नामित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदकों से संपर्क करें, स्थलीय निरीक्षण कर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।सभी संबंधित अधिकारियों को एक सूची के साथ पत्र भेजा गया था, जिसमें प्रत्येक शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच के बाद अपलोड की गई आख्या का उच्चस्तरीय परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी ने शिकायत का गुणवत्ता के अनुरूप समाधान नहीं किया है, तो ऐसे मामलों में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, चेतावनी दी जाएगी या प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा सकती है। इसके लिए जिम्मेदारी तय कर 7 दिन के भीतर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।हालांकि, तय समयावधि बीतने के बावजूद अधिकतर अधिकारियों द्वारा वांछित स्पष्टीकरण अभी तक नहीं भेजा गया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने दोबारा निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी तत्काल आवेदकों से संपर्क कर स्थलीय निरीक्षण करें और हर संदर्भ का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आगे से किसी अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया या जांच में गुणवत्ता नहीं पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देशित किया है कि आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ समाधान सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी का कर्तव्य है।















