मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक संचालित “सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” थीम आधारित समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में अमरूद का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण ही वह माध्यम है जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। पौधरोपण तभी सार्थक माना जाएगा जब लगाए गए पौधे विकसित होकर वृक्ष बनें और पर्यावरण को समृद्ध करें।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाए। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव विकसित हो सके।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण किया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में सहभागिता निभाई। इस दौरान लोगों को पौधों के महत्व, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्वच्छ और हरित वातावरण के लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यह संदेश दिया कि “पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।” साथ ही हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान जनपद में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।























































