मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में धार्मिक और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और हैदरपुर वेटलैंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिला पंचायत सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें बुनियादी सुविधाओं को उन्नत करना और पर्यटन के लिए आवश्यक संरचनाएं विकसित करना शामिल था।प्रमुख योजनाओं में सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, नए घाटों का निर्माण और सौंदर्यीकरण, शुकतीर्थ धाम में निर्माणाधीन टीएफसी और पार्किंग का कार्य, गंगा घाट का उच्चीकरण, पुरानी पार्किंग का जीर्णोद्धार, परिक्रमा मार्ग का सुदृढ़ीकरण, ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना, कूड़ा प्रबंधन, वृक्षारोपण, मेडिकल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, और तालाबों का सौंदर्यीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्गों पर कलाकृतियों, लैंडस्केपिंग, म्यूरल और साइन बोर्ड्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई।जिलाधिकारी ने शुकतीर्थ में संगम क्षेत्र का बोट के माध्यम से निरीक्षण किया और यहां वाटर स्पोर्ट्स तथा इको-टूरिज्म विकसित करने की रणनीति तैयार की। हैदरपुर वेटलैंड में आने वाले स्थानीय और विदेशी पक्षियों को ध्यान में रखते हुए वन्य जीव फोटोग्राफी और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, यह तय किया गया कि कौन से कार्य स्थानीय निधि और जनसहयोग से कराए जा सकते हैं और किन कार्यों के लिए परियोजना बनाकर शासन को भेजने की आवश्यकता होगी।इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अधिशासी अभियंता, और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।















