मुजफ्फरनगर के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में कुलपति संगीता शुक्ला से शिक्षा की गुणवत्ता, निजीकरण के दुष्प्रभाव और कृषि कॉलेज में किसानों के लिए एक कैश क्रॉप प्रदर्शनी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान जैव परिवर्तित तकनीक पर एक सेमिनार आयोजित करने का भी वादा किया गया। कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने कई नए कोर्स शुरू किए हैं और विज्ञान के क्षेत्र में सीसीएस विश्वविद्यालय को देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान मिला है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।वार्ता में यह भी सुझाव दिया गया कि एमबीए के छात्र किसानों से जुड़कर उनके उत्पादों की मार्केटिंग में सहयोग करें। इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी और छात्रों को व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। इस पहल से किसान और विद्यार्थी दोनों के बीच सहयोग बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।मुलाकात में मलिक खाप के मुखिया बाबा राजेंद्र मलिक भी मौजूद थे, जिन्होंने किसानों के हितों और उनकी समस्याओं को सामने रखा। कुलपति ने सभी सुझावों को गंभीरता से लिया और विश्वविद्यालय में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। यह बैठक किसानों, छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।























































