मुजफ्फरनगर में कृषि विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित तथा आईआईटी रुड़की के मार्गदर्शन में ट्रांयभू टेक सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड (TRST01) के माध्यम से संचालित किसान समृद्धि कार्बन क्रेडिट योजना के अंतर्गत विकासखण्ड बघरा के गांव नसीरपुर में किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कार्बन क्रेडिट आधारित खेती के बारे में जागरूक करना और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसरों से परिचित कराना रहा।कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के प्रो. ए. एस. मौर्या ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि भूमि में हरिखाद और गोबर की खाद का अधिक उपयोग करने से मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ती है, जिससे न केवल भूमि की उर्वरता में सुधार होता है, बल्कि यह कार्बन क्रेडिट के रूप में किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने समझाया कि बढ़ी हुई कार्बन मात्रा को TRST01 कंपनी के माध्यम से बाजार में बेचकर किसान घर बैठे आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने अपने संबोधन में कहा कि आम जनमानस के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी किसानों के कंधों पर होती है। यदि किसान प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाते हैं, तो उनके उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेहतर कीमत मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्बन क्रेडिट योजना किसानों के लिए एक नया और लाभकारी अवसर है, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि खरीफ फसलों के लिए बीज की बुकिंग शुरू हो चुकी है। सभी किसानों को सलाह दी गई कि वे समय रहते अपनी बुकिंग सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध हो सकें।कार्यक्रम में केवीके बघरा के अध्यक्ष डॉ. हंसराज, डॉ. वीरेंद्र कुमार सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे। संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया। यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल खेती से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।















