मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किए गए बजट को लेकर किसानों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कृषि क्षेत्र के लिए बजट में की गई उल्लेखनीय वृद्धि को किसानों के हित में बड़ा कदम बताया जा रहा है। किसान नेता धर्मेंद्र मलिक ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि को प्राथमिकता देते हुए जिस तरह से धनराशि में बढ़ोतरी की है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों ने पिछले वर्षों में उत्पादन के क्षेत्र में नया इतिहास रचा है और प्रदेश को खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में कृषि बजट में वृद्धि किसानों के मनोबल को और मजबूत करेगी।धर्मेंद्र मलिक ने विशेष रूप से मुफ्त बिजली योजना को जारी रखने के फैसले के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मुफ्त बिजली योजना किसानों को बड़ी राहत प्रदान करती है। सिंचाई के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण साधन है और इस योजना के जारी रहने से छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय किसान हितैषी सोच को दर्शाता है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में अभी और व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में लंबित सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों को पानी की समुचित सुविधा मिल सके। कई क्षेत्रों में आज भी किसान वर्षा पर निर्भर हैं, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है। यदि नहरों और ट्यूबवेल परियोजनाओं को सशक्त किया जाए तो कृषि उत्पादन में और वृद्धि संभव है।इसके साथ ही धर्मेंद्र मलिक ने उन्नत और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज ही बेहतर उत्पादन की कुंजी है। सरकार को चाहिए कि सहकारी समितियों और कृषि केंद्रों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी में भी वृद्धि की मांग की, ताकि आधुनिक खेती को बढ़ावा मिल सके और किसान कम समय में अधिक उत्पादन कर सकें।पशुपालन क्षेत्र को लेकर भी उन्होंने बजट में अधिक प्रावधान की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि पशुपालन किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे मजबूत किए बिना किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य अधूरा रहेगा। दुग्ध उत्पादन, पशु चिकित्सा सेवाएं और चारे की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।अंत में धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि कृषि बजट में वृद्धि और मुफ्त बिजली योजना का जारी रहना निश्चित रूप से स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन किसानों की समग्र प्रगति के लिए सिंचाई, बीज, कृषि यंत्र और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में भी निरंतर निवेश और ठोस योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आगामी समय में किसानों की अन्य मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लेगी।















