मुजफ्फरनगर में माँ शाकुम्बरी देवी के पावन प्रकटोत्सव के अवसर पर शनिवार को आस्था, श्रद्धा और सेवा भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नगर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित पूजन, हवन और भंडारा कार्यक्रमों ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। हर ओर माँ शाकुम्बरी देवी के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आयोजनों में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करते नजर आए।इस पावन अवसर पर नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। दोनों जनप्रतिनिधियों ने भक्तों के साथ माँ शाकुम्बरी देवी की आराधना की और भंडारों में अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया। मौहल्ला रामपुरी स्थित माँ शाकुम्बरी देवी के पावन भंडारे में उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। यहाँ उन्होंने माँ की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तजनों को प्रसाद ग्रहण कराया।
श्रद्धालुओं ने जनप्रतिनिधियों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया और आशीर्वाद भी प्रदान किया।इसके अतिरिक्त चौधरी चरण सिंह मार्किट में रविन्द्र चौधरी द्वारा आयोजित पूजन एवं भंडारा कार्यक्रम में भी मीनाक्षी स्वरूप और गौरव स्वरूप ने सहभागिता की। इस दौरान विधिवत पूजन–अर्चन कर माँ शाकुम्बरी देवी के चरणों में नगर, प्रदेश और देश के कल्याण, सुख–समृद्धि एवं शांति की कामना की गई। भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देर तक प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा।नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि माँ शाकुम्बरी देवी करुणा, शक्ति और समृद्धि की प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से समाज में सद्भाव, शांति और खुशहाली बनी रहती है। उन्होंने सभी नगरवासियों के सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना की। वहीं गौरव स्वरूप ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। माँ शाकुम्बरी देवी की कृपा से नगर और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे, यही उनकी प्रार्थना है।कार्यक्रमों के दौरान सभासद रजत धीमान, विकल्प जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और भक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला। माँ शाकुम्बरी देवी के प्रकटोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी सशक्त संदेश दिया।















