किसानों का बिजली शेड्यूल के खिलाफ प्रदर्शन, 10 घंटे आपूर्ति की मांग
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने द्वारिका सिटी स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर नए बिजली शेड्यूल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार पर नाराजगी जताते हुए नए शेड्यूल को वापस लेने की मांग की।
धरने की अध्यक्षता रविंद्र चेयरमैन बसेड़ा ने की, जबकि संचालन अमित ठाकुर ने किया। जिला प्रभारी सुधीर पहलवान ने कहा कि बिजली विभाग की विजिलेंस टीम किसानों का उत्पीड़न कर रही है। विजिलेंस अधिकारी कार्यवाही के नाम पर रिश्वतखोरी में लिप्त हैं और किसानों को परेशान कर रहे हैं।
पश्चिम प्रभारी राजीव नीटू दुल्हेरा ने कहा कि रात में चेकिंग नहीं करने के आदेश के बावजूद विजिलेंस टीम जबरन घरों में घुस रही है, जिससे किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। युवा जिला प्रभारी विपिन त्यागी ने कहा कि गर्मी के दिनों में किसानों की बिजली आपूर्ति कम करना अन्याय है और इसके खिलाफ आंदोलन होगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि नए शेड्यूल से किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है। गर्मी के दिनों में बिजली की आपूर्ति को दो भागों में बांटने और घंटे कम करने से सिंचाई प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को 10 घंटे बिजली नहीं मिली तो किसान खुद 440 वोल्ट के बिजलीघरों पर कब्जा कर लेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें पर्याप्त आपूर्ति मिले।
किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा जारी आदेश को तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने मांग की कि निजी नलकूपों को सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक बिजली दी जाए। वर्तमान व्यवस्था के तहत बिजली की आपूर्ति दो भागों में की जा रही है, जिससे सिंचाई में बाधा आ रही है और डीजल पर निर्भरता बढ़ रही है, जिससे किसानों पर कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा।
इस धरने में ठाकुर कुशलवीर, विपिन त्यागी, अमरपाल, विदुर त्यागी, शुभम वत्स, प्रवीण, दुष्यंत मलिक, नौशाद, शहजाद राव, विनय त्यागी, राजीव सहरावत, बिजेंद्र बालियान, अंकित जावला समेत सैकड़ों किसान शामिल हुए।















