कनाडा में भारत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के कनाडा आने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।कनाडा की न्यू डेमोक्रेट्स फेडरल ने सरकार से मांग की है वह ‘फासिस्ट पैरामिलिट्री संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख को देश में आने से रोके और कनाडा में RSS पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए’। ये इस संगठन की पुरानी मांग रही है जिसे उसने फिर से दोहराया है।
NDP की विदेश मामलों की प्रवक्ता हीथर मैकफरसन और NDP की इमिग्रेशन और पब्लिक सेफ्टी मामलों की प्रवक्ता जेनी क्वान ने देश की विदेश मंत्री, पब्लिक सेफ्टी मंत्री और इमिग्रेशन मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि वे अगस्त के आखिर में मोहन भागवत की प्रस्तावित कनाडा यात्रा से पहले इस मामले में कार्रवाई करें।
कनाडा में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग
NDP की विदेश मामलों की प्रवक्ता हीथर मैकफ़रसन ने कहा ‘RSS एक चरमपंथी संगठन है जो भारsत में धार्मिक अल्पसंख्यकों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के खिलाफ नफरत और हिंसा को बढ़ावा देता है और कनाडा में संगठन के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी निशाना बनाकर डराता-धमकाता है।’ इसने आगे कहा ‘कई अल्पसंख्यक समुदायों को डर है कि कनाडा में उनकी मौजूदगी से उनके खिलाफ नफरत और हिंसा बढ़ सकती है और कमजोर लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।’
आपको बता दें कि ये पार्टी खालिस्तान समर्थकों का संगठन है जो अकसर भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है। ‘कैनेडियन फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी इन इंडिया’ (CFHRDI) की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक कनाडा के 40 से ज्यादा सिविल सोसाइटी, मानवाधिकार, मजदूर और धार्मिक संगठनों ने कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर गैरी आनंदसांगरी से मांग की है कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को कनाडा में घुसने की इजाजत न दें। आपको बता दें कि भागवत का कनाडा दौरा 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच प्रस्तावित है।























































