मालाखेड़ा उपखंड के बिजवाड़ नरूका स्थित स्टेट हाईवे 44 पर रेलवे फाटक पर आए दिन जाम की गंभीर स्थिति बनी रहती है। जब भी फाटक खुलता है, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिछले दो दशकों से यहां रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
बीते शाम को भी फाटक देर तक बंद रहने से सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंसे रहे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 108 एंबुलेंस तक जाम में फंस गई। फाटक खुलने के बाद कुछ बाइक सवारों ने जबरन बीच से प्रवेश कर हालात और बिगाड़ दिए, जिससे जाम की स्थिति और लंबी खिंच गई। हैरानी की बात यह रही कि ट्रेन नहीं आने के बावजूद फाटक काफी देर तक बंद रहा और लोग यूं ही खड़े रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया या ओवरब्रिज की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं, समाधान नहीं। यह फाटक स्टेट हाईवे 44 को स्टेट हाईवे 25 और नेशनल हाईवे 248 से जोड़ता है, जिस कारण इस मार्ग पर भारी वाहन दबाव रहता है। ऐसे में इस सड़क को बाईपास बनाकर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अति आवश्यक है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों।















