भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड डेस्क
सहरानपुर ।निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की स्मृति में समर्पण दिवस का आयोजन विशाल सत्संग के रूप में देहरादून रोड़ स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन सहारनपुर में किया गया। साध संगत को सम्बोधित करते हुए संयोजक हरबंश लाल जुनेजा ने बताया कि 13 मई 2016 को कनाडा से मॉन्ट्रियाल जाते समय निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज व उनके परम भक्त अवनीत जी का एक कार दुर्घटना में निधन हो गया था। उस समय निरंकारी मिशन का हर एक अनुयाई नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने दिल्ली निगम बोध घाट पहुंचा था। उसके पश्चात मिशन की बागड़ोर माता सविंदर जी ने संभाली और दो वर्षो तक माता सविंदर जी का प्यार तमाम निरंकारी जगत को मिला । वहीं अपने जीते जी माता सविंदर जी ने मिशन की बागड़ोर सत्गुरु माता सुदिक्षा जी महाराज को सौंप दी आज वर्तमान में निरंकारी मिशन को नई दिशा प्रेम मिलवर्तन भाईचारे व ज्ञान का प्रकाश जन जन तक पहुंचाने के लिए सत्गुरु माता सुदिक्षा जी महाराज व परम आदरणीय निरंकारी राजपिता जी दिन रात अपनी करुणा दया समस्त संसार में फ़ैला रहें हैं। श्री जुनेजा ने कहा की सत्गुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने 36 वर्षो में मिशन को तमाम ऊंचाइयों तक पहुंचाने में दिन रात एक कर दिया उनकी करूणा मई दृष्टि हर इक गुरूसिख को निहाल करती थीं । उनके द्वारा रक्तदान शिविर की शुरुआत की गई स्वच्छता अभियान चलाया गया जो आज भी निरन्तर जारी है। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज यूएनओ में सलाहकार के पद से भी नवाजे गए। वहीं अनेकों ऐसे कार्य बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने किए जो सामाजिक आध्यात्मिक दृष्टि से हर किसी को प्रभावित करते थे उन्होने केनाडा में पहला अंतर्राष्ट्रीय सन्त समागम का आयोजन किया जिसमें पहली बार भारत से सैकड़ो की संख्या में निरंकारी श्रद्धालु संत समागम में हिस्सा लेने पहुंचे। संयोजक हरबंश लाल जुनेजा ने कहा कि बच्चा बच्चा बाबा हरदेव सिंह जी महाराज से भरपुर प्रेम करता था और बाबा जी की सभी साध संगत आंखों का तारा थी जिसे भी आपने एक नज़र भर देख लिया वहीं आपका दीवाना हों गया आपकी आभा इतनी प्रकाश मई थी की जहां भी आप जाते वहीं सत्य का पैगाम देकर रोती बिलखती मानवता को खुशहाल बना देते। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के द्वारा किए गए अथक परोपकार सदियों तक याद रहेगें। इस अवसर पर अनेको वक्ताओं गीतकारों ने भी अपने भाव व्यक्त किए जिसमे मिशन के गीतकार राजकवी ने अपने भजन में कहा की गुरु हरदेव की याद रहेगी जब तक धरती आबाद रहेगी गिन पाना हैं मुश्किल हम पर उपकार मेहरमा मेरे सदा याद रहेंगे एहसान सदगुरु तेरे सदा याद रहेंगे एहसान सदगुरु तेरे वही इस दौरान मनमोहन कृष्ण, संजीव भण्डारी, तरुण कुमार, सुनील पेरागपुर, भारत भूषण, पूनम चुघ, ममता तोमर, चंद्रेश महिपाल, राकेश पथिक आदि मौजूद रहे सत्संग कार्यक्रम में मंच का संचालन आंचल सचदेवा ने किया।
सहरानपुर संवाददाता प्रशांत वर्मा















