दक्षिण एशिया इस समय चक्रवाती तूफान दितवाह की भीषण मार झेल रहा है, जिसने सबसे पहले लंका को अपनी चपेट में लेकर भारी तबाही मचा दी। तूफान के प्रचंड प्रभाव से अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं, बाढ़ और भूस्खलन ने कई जिलों को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बड़ी संख्या में घर ढह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली आपूर्ति बाधित होने से हालात और अधिक गंभीर बन गए। लंका में राहत और बचाव कार्य चौबीसों घंटे जारी हैं, लेकिन खराब मौसम और टूटे संपर्क मार्गों के कारण रेस्क्यू टीमें कई इलाकों तक नहीं पहुंच पा रहीं। इस बीच भारत ने मानवीय सहायता के रूप में ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत 21 टन से अधिक राहत सामग्री भेजकर संकट की घड़ी में पड़ोसी देश की मदद की है। इसमें दवाइयां, टेंट, फूड पैकेट, पानी की बोतलें और जीवनरक्षक उपकरण शामिल हैं।
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | Strong winds and rough sea conditions witnessed in the capital city as the effect of #CycloneDitwah intensifies. Visuals from Marina Beach.
As per IMD, the cyclone is to make landfall today pic.twitter.com/fvOd1By8g1
— ANI (@ANI) November 30, 2025
दितवाह के लंका में कोहराम मचाने के बाद अब इसका रुख भारत की ओर मुड़ गया है, जिसके चलते तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने रविवार को तूफान के तट से टकराने की आशंका जताते हुए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण शनिवार को तमिलनाडु में 54 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हवाई यातायात पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा है। एयर इंडिया सहित सभी प्रमुख एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
#WATCH | Puducherry: Strong winds and rough sea conditions witnessed in Puducherry as Cyclone Ditwah moves closer pic.twitter.com/6AYShbPlmC
— ANI (@ANI) November 30, 2025
दितवाह के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी तैयारी तेज कर दी है। महाराष्ट्र और गुजरात के NDRF बेस से 10 टीमें चेन्नई पहुंच चुकी हैं, जो तटीय क्षेत्रों में तैनात की जा रही हैं। इन टीमों के पास नावें, रेस्क्यू किट, संचार उपकरण और मेडिकल सहायता जैसी सुविधाएं मौजूद हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। तमिलनाडु के कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट से दूर रहने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन लगातार चौकसी बरत रहा है और कमांड सेंटर से हालात की निगरानी की जा रही है।
तूफान दितवाह के प्रभाव से दक्षिण भारत में मौसम एकदम करवट ले चुका है। तटवर्ती इलाकों में समुद्र उफान पर है और मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है। कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ने और जलभराव की शुरुआती रिपोर्टें भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दितवाह एक मजबूत चक्रवात है और इसके तट से टकराने के बाद तेज हवाएं और भारी वर्षा कई जिलों को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन ने राहत शिविर बनाए हैं और संवेदनशील इलाकों से लोगों की शिफ्टिंग भी शुरू कर दी है।
आने वाले 24 घंटे दक्षिण भारत के लिए बेहद अहम हैं। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान की तीव्रता में बदलाव संभव है, लेकिन इसके खतरनाक प्रभावों को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दितवाह ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता लगातार बढ़ रही है, और इसके लिए समय रहते तैयारी व जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।















