पश्चिमी देशों में चक्रवात मेलिसा ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवात कैरेबियाई सागर से होते हुए तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और जमैका, क्यूबा, डोमिनिकन रिपब्लिक, हैती और केमैन आइलैंड्स को अपनी चपेट में ले सकता है। तूफान के कारण कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मेलिसा अब तक का जमैका के इतिहास का सबसे शक्तिशाली चक्रवात साबित हो सकता है।
सरकारों ने एहतियातन कई निचले इलाकों को खाली कराने के आदेश जारी किए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपातकालीन टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। तटीय क्षेत्रों में तेज लहरों और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से हालात गंभीर बने हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जमैका में तूफान की गति 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक दर्ज की गई है, जिससे सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को सबसे खतरनाक अवधि बताया है। अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने भी राहत कार्यों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
चक्रवात मेलिसा के रास्ते में आने वाले देशों में लोग दहशत में हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह तूफान जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का ताजा उदाहरण है, जो आने वाले समय में और भी खतरनाक परिस्थितियां पैदा कर सकता है।















