मुजफ्फरनगर में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, पेटीएम KYC के नाम पर कर चुके थे लाखों की ठगी

मुजफ्फरनगर जिले की मंसूरपुर थाना पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पेटीएम कंपनी के नाम पर दुकानदारों से केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के बहाने धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 24 मई 2025 को मंसूरपुर कस्बे में एक जन सेवा केंद्र संचालक से ₹84,000 की ठगी के दर्ज मुकदमे (मु..सं. 183/25) के आधार पर की गई। पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक नावला फ्लाईओवर के पास एक हुंडई आई-10 कार (DL 08 AF 3341) में सवार होकर रहे हैं। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर कार में बैठे तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आलोक पुत्र महेश कुमार निवासी सैनी मोहल्ला, नागलोई, दिल्ली; मोनू पुत्र राकेश कुमार निवासी लक्ष्मी पार्क, नागलोई, दिल्ली; और अमन वर्मा पुत्र मनोज वर्मा निवासी निहाल विहार, नागलोई, दिल्ली के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से ₹1,35,000 नकद, 08 मोबाइल फोन, 30 फर्जी आधार और पैन कार्ड, 10 पेटीएम सिम बॉक्स, 45 फर्जी पेटीएम QR कोड और एक हुंडई कार बरामद हुई।पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे कभी पेटीएम कंपनी में काम करते थे, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद इन्होंने ठगी का संगठित नेटवर्क बना लिया। ये लोग दुकानदारों को यह कहकर फंसाते थे कि मासिक शुल्क ₹125 से घटाकर ₹1 कर दिया गया है, परंतु इसके लिए KYC अपडेट कराना आवश्यक है। इसी बहाने वे दुकानदारों से उनके पेटीएम से जुड़े मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और ऐप की जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद विशेष ऐप की मदद से उनके खातों को नियंत्रित कर लेते और फिर पेट्रोल पंप या जन सेवा केंद्रों से पैसा ट्रांसफर कर नकद राशि निकाल लेते थे।पुलिस का मानना है कि ये आरोपी कई जिलों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इनके नेटवर्क और साथियों की जानकारी जुटाने के लिए आगे की पूछताछ की जा रही है। मंसूरपुर थाना पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

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