मुजफ्फरनगर। अक्टूबर माह को पूरे देश में “साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली क्षेत्र में बुधवार को एक उल्लेखनीय साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, साइबर सेल और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ के नेतृत्व में किया गया। उनके निर्देशन में साइबर सेल की टीम लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर रही है। खतौली में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में साइबर थाने से इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, सब इंस्पेक्टर धर्मराज और हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार ने बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया हैकिंग और पहचान की चोरी जैसी घटनाएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नागरिकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। किसी भी अज्ञात लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें, अनजान व्यक्ति को अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या www.cybercrime.gov.in
पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा प्रायः आकर्षक ऑफर, लॉटरी या इनाम के झांसे में फंसा कर लोगों के खातों से धनराशि निकाल ली जाती है, इसलिए जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं का योगदान भी विशेष रूप से सराहनीय रहा। आधारशिला सेवा संस्थान और मुल्तानी वेलफेयर एसोसिएशन ने अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जनता में जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाना चाहिए ताकि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंच सके।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने पुलिस प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के इस प्रयास की सराहना की और यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी अपने आसपास के लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। इस अभियान ने न केवल साइबर अपराधों से सुरक्षा का संदेश दिया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि जब समाज और पुलिस मिलकर किसी जनहित के कार्य में जुटते हैं, तो बड़े से बड़ा उद्देश्य भी सहजता से पूरा किया जा सकता है। खतौली में आयोजित यह कार्यक्रम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में उभर कर सामने आया है।























































