सहारनपुर नगर निगम में जीआई सर्वे टैक्स को लेकर जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को नगर निगम टैक्स विभाग में विधानसभा प्रभारी एवं पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने अधिकारियों से मुलाकात कर नगरवासियों की सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि यह टैक्स नीति हर धर्म और वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बन चुकी है। चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम, सिख या ईसाई – कोई भी इस नए टैक्स सिस्टम से अछूता नहीं है।
टिंकू अरोड़ा ने कहा कि यह आदेश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया है, लेकिन सहारनपुर के जनप्रतिनिधि इस मामले में पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द ही सरकार ने इस टैक्स को वापस नहीं लिया तो नगर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समर्थक व्यापारी भी इस टैक्स के कारण आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं, जिससे जनता में असंतोष गहराता जा रहा है।वहीं, बसपा पार्षद प्रतिनिधि नितिन जाटव ने भी जीआई सर्वे टैक्स को जनविरोधी करार देते हुए इसे जनता का सीधा उत्पीड़न बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में सरकार बार–बार टैक्स लगाकर आम आदमी को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है।सभी पार्षदों ने एक स्वर में जीआई सर्वे को तत्काल निरस्त करने की मांग की और स्पष्ट किया कि यह उत्पीड़नकारी टैक्स किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनता के हित में संघर्ष तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।















