मुंबई के टाटा हॉस्पिटल के बाहर समाज में धार्मिक संवेदनशीलता और भेदभाव के मुद्दों को फिर से उजागर किया है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया कि एक व्यक्ति जो खाना बांट रहा है, वह लोगों से “जय श्री राम” का नारा लगाने के लिए कह रहा है। हिजाब पहनी महिला ने इसका विरोध किया, यह बताते हुए कि उसे नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया और जब उसने ऐसा नहीं किया, तो उसे खाना नहीं दिया गया।स्थानीय लोगों ने इस घटना की निंदा की है, और कुछ ने इसे धार्मिक भेदभाव का उदाहरण बताया है। वीडियो में दिख रहा है कि लोग इस मुद्दे पर विभिन्न राय रख रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि खाना बांटने के नाम पर इस तरह के नारे लगवाना न केवल गलत है, बल्कि यह लोगों के बीच धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला भी है।इस घटना ने लोगों में चर्चा को जन्म दिया है, जिसमें सामाजिक और धार्मिक एकता के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। कई लोग यह महसूस कर रहे हैं कि ऐसे कार्यों से समाज में तनाव बढ़ता है और सभी धर्मों के प्रति समानता और सम्मान की आवश्यकता है।
भोईवाड़ा पुलिस मामले की कर रही जांच
पहले भी आ चुका है मामला
हाल ही में गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र स्थित पंचशील वेलिंग्टन सोसायटी में उर्दू पढ़ाने जा रहे कारी से जय श्री राम न बोलने पर दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था. मामले की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी. शिकायतकर्ता आलमगीर का आरोप था कि पंचशील वेलिंग्टन सोसायटी में 16वें फ्लोर पर वह उर्दू पढ़ाने के लिए जाते हैं. ऐसे में एक जब वह लिफ्ट से 16वें फ्लोर पर जा रहे थे तो एक शख्स ने आलमगीर से सोसायटी में आने का कारण पूछा और जबरन जय श्री राम बोलने के लिए कहा, उन्होंने जय श्री राम नहीं बोला तो उसे लिफ्ट से निकाल दिया गया.















