ग्रामीण युवा कौशल विकास कार्यक्रम का समापन, 90 युवाओं को मिला स्व-रोज़गार का मार्ग.

मुजफ्फरनगर के श्री राम कॉलेज में  को ग्रामीण युवा कौशल विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 से कृषि विभाग की आत्मा योजना के अंतर्गत चलाया गया था। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोज़गार की दिशा में आगे बढ़ाना, उन्हें लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से जोड़ना और उनके अंदर आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना था। इस पहल के तहत कुल 90 युवाओं को विभिन्न व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे आधुनिक तकनीकों व स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें।प्रशिक्षण अवधि के दौरान कई विशेषज्ञों ने युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों का तकनीकी और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया। भारतीय पैकेजिंग संस्थान के उप निदेशक डॉ. रिशु गौतम ने पैकेजिंग उद्योग में उपलब्ध अवसरों पर विस्तृत चर्चा की और बताया कि किस प्रकार ग्रामीण स्तर पर भी इस क्षेत्र में रोजगार की बड़ी संभावनाएँ मौजूद हैं। सेवा योजना विभाग से पारुल सिंघल ने युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह इन योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने पशुपालन आधारित रोजगार पर मार्गदर्शन दिया, जबकि मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक डॉ. अनीता ने मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बताते हुए इससे जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया। इसी क्रम में जिला उद्यान अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव ने युवाओं को बागवानी, नर्सरी प्रबंधन और फल-सब्जी प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी वितरित की गईं। इस सम्मान ने न केवल उनके उत्साह को बढ़ाया, बल्कि भविष्य में नए उद्यम स्थापित करने की दिशा में प्रेरणा भी दी। समारोह में योजना प्रभारी आत्मा सचिन कुमार के साथ मीतू गुप्ता, डॉ. प्रेरणा मित्तल (प्रिंसिपल श्री राम कॉलेज), डॉ. नईम और डॉ. प्रवीण सहित कई अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास का सबसे मजबूत आधार कौशल प्रशिक्षण है और ऐसे कार्यक्रम युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि 25 दिनों की इस सघन प्रशिक्षण प्रक्रिया ने युवाओं को स्वावलंबन की दिशा में एक मजबूत नींव प्रदान की है। विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन ने न केवल उनके ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि यह भी सिखाया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के साथ भी बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। ग्रामीण विकास, स्वरोज़गार संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल सिद्ध हुआ।यह पहल आने वाले समय में न केवल इन 90 युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी, बल्कि उनके माध्यम से गांवों में नए रोजगार अवसर भी उत्पन्न होंगे। ग्रामीण क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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