मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने मंगलवार को जिला महिला चिकित्सालय स्थित संयुक्त जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला (आईपीएचएल) का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रयोगशाला में संचालित विभिन्न जांच व्यवस्थाओं, साफ-सफाई की स्थिति, आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा जांच रिपोर्टों की गुणवत्ता का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक मरीज तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए जरूरी है कि प्रयोगशाला में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा उनकी जांच रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए।
इस अवसर पर डॉ. राधा चौधरी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रयोगशाला में संचालित विभिन्न जांच प्रक्रियाओं, उपलब्ध उपकरणों, संसाधनों तथा महिला चिकित्सालय में मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में नियमित रूप से विभिन्न प्रकार की जांचें की जा रही हैं और सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संपन्न किए जाते हैं। साथ ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सालय प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने प्रयोगशाला कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के कारण जांच कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कर्मचारियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील, विनम्र और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता केवल आधुनिक उपकरणों से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यप्रणाली से भी निर्धारित होती है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय एवं प्रयोगशाला से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।















