लॉरेंस के शूटर किंगरा को डिपोर्ट करेगा कनाडा,

कनाडा में भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से जुड़े एक शूटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने बिश्नोई गैंग के लिए गोली चलाने वाले भारतीय नागरिक अबजीत किंगरा को देश से बाहर निकालने यानी डिपोर्ट करने का आदेश दिया है.अबजीत किंगरा साल 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था. आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड इलाके में एक घर पर बिश्नोई गैंग के इशारे पर फायरिंग की थी.सितंबर 2024 में हुई इस वारदात में किंगरा ने कथित तौर पर पीड़ित के घर पर करीब 14 गोलियां चलाईं, जबकि उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी. यह हमला पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर हुआ था.घटना के बाद बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी लेने की कोशिश की गई थी.

बिश्नोई गैंग में कैसे शामिल हुआ था किंगरा?

कनाडाई जांच एजेंसियों के मुताबिक, किंगरा को एक मूविंग कंपनी में काम करने के दौरान गैंग के लोगों ने अपने साथ जोड़ा. किंगरा ने सुनवाई के दौरान दावा किया कि उसे सिर्फ पैसे का लालच देकर इस वारदात में शामिल किया गया था और उसे नहीं पता था कि वह बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है.उसने कहा कि वह अपने माता-पिता को पैसे भेजना चाहता था और इसी वजह से वह इस अपराध में शामिल हो गया. हालांकि कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने कहा कि संगठित गैंग अपने सदस्यों को इस तरह इस्तेमाल करते हैं कि छोटे स्तर के लोग केवल अपने ऊपर वाले व्यक्ति को जानते हैं.इमिग्रेशन बोर्ड ने अपने फैसले में कहा कि बिश्नोई गैंग एक संगठित आपराधिक संगठन है, जो हत्या, गोलीबारी, आगजनी, धमकी और जबरन वसूली जैसे अपराधों में शामिल रहा है.

एक साथ 400 से ज्यादा मामलों की जांच शुरू

कनाडाई एजेंसियों के अनुसार, बिश्नोई गैंग ने वहां भारतीय मूल के कारोबारियों, सिंगर्स और अन्य लोगों को निशाना बनाकर धमकी भरे कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए पैसे की मांग की. पीड़ितों को हिंसा और संपत्ति नुकसान की धमकियां दी गईं.कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी ने बताया कि एक्सटॉर्शन और गैंग हिंसा से जुड़े 400 से ज्यादा मामलों की जांच शुरू की गई हैं और कई संदिग्धों को देश से बाहर किया जा चुका है.जांच एजेंसियों का कहना है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, मैनिटोबा और ओंटारियो जैसे इलाकों में ज्यादा सक्रिय रही हैं. गैंग पर ड्रग तस्करी, हत्या की सुपारी और वसूली जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं.कनाडाई अधिकारियों ने यह भी कहा कि जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई अपने नेटवर्क को चलाने और नए युवाओं को जोड़ने की कोशिश करता रहा है.

किंगरा के दोस्त विक्रम को खोज रही पुलिस

किंगरा फिलहाल छह साल की सजा काट रहा है. उसके खिलाफ दूसरे हमले से जुड़ा मामला भी चल रहा है. डिपोर्टेशन आदेश के खिलाफ किंगरा अपील करने की तैयारी में है. उसने दावा किया है कि अगर उसे भारत भेजा गया तो बिश्नोई गैंग उसे नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि इमिग्रेशन बोर्ड ने कहा कि उसने अपने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया.इस पूरे मामले में विक्रम शर्मा नाम का एक और भारतीय नागरिक भी आरोपी है. आरोप है कि वह किंगरा के साथ इस हमले में शामिल था. वारदात के बाद विक्रम शर्मा कनाडा छोड़कर फरार हो गया और उसके भारत भाग जाने की आशंका जताई जा रही है. कनाडाई एजेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं.

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