मुजफ्फरनगर को सिटी सेंटर स्थित जीएसटी कार्यालय में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक का आयोजन संयुक्त कमिश्नर कार्यपालक जीएसटी राज्य कर राज नाथ तिवारी द्वारा किया गया। बैठक का उद्देश्य व्यापार बंधु की लंबे समय से बंद पड़ी बैठक को पुनः शुरू करने से पहले व्यापारियों से उनकी समस्याओं और सुझावों को जानना था।
बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अजय कुमार सिंघल ने जिलेभर की प्रमुख समस्याओं को एजेंडे में शामिल करने की मांग की। उन्होंने चौपट विद्युत व्यवस्था और शासन की मंशा के विपरीत की जा रही अत्यधिक विद्युत कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने की बात जोरदार ढंग से रखी। व्यापारियों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारी खासे परेशान हैं।
इसके अलावा अजय सिंघल ने छोटी-छोटी गलतियों पर जीएसटी और अन्य विभागों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि छोटे व मंझोले व्यापारियों को तंग करने से व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है। साथ ही नगर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही अंधाधुंध चेकिंग और दुपहिया वाहन चालकों के शोषण को भी बंद करने की मांग एजेंडे में शामिल की गई।
बैठक के दौरान जीएसटी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर व्यापार मंडल की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम संयुक्त कमिश्नर को सौंपा गया। ज्ञापन में जीएसटी पोर्टल की तकनीकी समस्याओं, इनवॉइस से संबंधित जटिलताओं और निरीक्षण के दौरान हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई गई।
कुछ समय पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कंसल द्वारा मुख्यमंत्री से व्यापार बंधु की बैठक बुलाने की मांग की गई थी। आज की बैठक इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। बैठक में अजय कुमार सिंघल, श्याम सिंह सैनी, राकेश गर्ग, अलका शर्मा, दिनेश गिरी, प्रवीण खेड़ा, दिनेश बंसल, रामपाल सैन, पंकज गुप्ता, निशांक जैन और हिमांशु कौशिक सहित कई प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।















