भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा विदेशी मेहमानों के सम्मान में आयोजित गाला डिनर को लेकर राजनीतिक तेज हो गई है। इस विशेष रात्रिभोज में केवल भाजपा और उसके सहयोगी दलों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति के बाद इसे सत्ताधारी गठबंधन का कार्यक्रम बताया जा रहा था।टीओआई के रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया है कि विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को भी इस कार्यक्रम के लिए बाकायदा आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए।सूत्रों के मुताबिक, जहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय उस समय विदेश दौरे पर थे, वहीं आमंत्रण मिलने के बावजूद कांग्रेस शासित राज्यों के तीनों मुख्यमंत्रियों ने इस बड़े राजनयिक कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का फैसला किया।
तेलंगाना, केरल और कर्नाटक के सीएम रहे नदारद
दरअसल, 12 सितंबर को रात्रिभोज से एक दिन पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित रात्रिभोज का निमंत्रण स्वीकार कर लिया था।
पहले भी हो चुकी है राजनीति
हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक कोई राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं हुआ है। लेकिन, पहले ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जब भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निमंत्रण के बावजूद महत्वपूर्ण राजकीय कार्यक्रमों में शामिल न होने का आरोप लगाया है।हालांकि, बाद में रेड्डी के कार्यालय ने सरकार को अवगत कराया कि वे अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उपस्थित होने में असमर्थ होंगे। दो अन्य कांग्रेस मुख्यमंत्री केरल के वी डी सतीसन और कर्नाटक के डी के शिवकुमार ने भी रात्रिभोज में हिस्सा नहीं लिया।
वहीं, विपक्षी पार्टी ने भी राजकीय भोज में राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को आमंत्रित न करने के लिए सरकार पर हमला किया है।सूत्रों ने कहा कि ब्रिक्स नेताओं के रात्रिभोज के लिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने का निर्णय भारत की अध्यक्षता के दौरान विभिन्न शहरों में इस समूह से संबंधित कई कार्यक्रमों की मेजबानी करने के सरकार के कदम के अनुरूप था। उन्होंने विपक्षी मुख्यमंत्रियों के इस कार्यक्रम में शामिल न होने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।















