पिता को मधुमक्खियों से बचाने के लिए फूंकी ईख, पर नहीं बची जान

बिजनौर, चांदपुर। । गन्ने में आग लगाकर धुआं करने के बाद भी किसान को मधुमक्खी के हमले से बचाया नहीं जा सका। धुआं होने पर भी मधुमक्खी ने पीछा नहीं छोड़ा तो किसान ने इधर-उधर खूब दौड़ लगाई।आखिरकार हमले से किसान की मौत हो गई।

गांव मिठनपुर निवासी किसान हरवीर सिंह पर मधुमक्खी के झुंड ने उस समय हमला कर दिया जब वह अपने पुत्रों के साथ खेत में गन्ना छील रहे थे। मधुमक्खी के हमले से बचने के लिए किसान भागता हुआ पास ही अपने चचेरे भाई अमर सिंह के खेत में पहुंच गया। किसान के पुत्रों ने भी पिता को बचाने का प्रयास किया। मधुमक्खी पुत्रों पर भी हमलावर हो गईं। बड़ी मुश्किल से भाग कर पुत्रों ने अपने बचाया। किसान ने मधुमक्खी से बचने के लिए गन्ने में आग लगाकर धुआं करने का प्रयास किया। मृतक के चचेरे भाई अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने मधुमक्खी से बचने के लिए धुआं करने के लिए ईख में आग लगाई थी। धुआं करने के बाद वह बेहोश होकर गिर गए। मधुमक्खी के काटने से किसान की खेत में ही मौत हो गई। करीब गन्ने की पुलियां जल गईं।

तीन दिन पहले भी मधुमक्खी के हमले में हो चुकी है मौत

शनिवार की देर शाम पूर्व धामपुर में नहटौर मार्ग पर मधुमक्खी के हमले से कई लोग जख्मी हो गए थे। राहगीरों को बचाने में पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए थे। जिसमें गांव महमूदपुर भिक्कन निवासी गोपाल सिंह की पत्नी बिरमावती (47) वर्ष की मौत हो गई थी।

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