उत्तर प्रदेश।भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष बदलने की तैयारी कर रही है। यूपी में इस बार प्रदेश की जिम्मेदारी ब्राम्हण चेहरे को सौंपने के बारे में मंथन चल रहा है।
ब्रजेश पाठक बन सकते हैं बीजेपी ने नए प्रदेश अध्यक्ष
पार्टी के अंदर जिन नामों की चर्चा हो हो रही है, उसमें यूपी के मौजूदा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का नाम सबसे आगे चल रहा है। ब्रजेश पाठक की ब्राह्मण समाज के भीतर अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि उनको ब्राह्मणों का कद्दावर नेता माना जाता है। इसीलिए उन्हे योगी सरकार 2.0 में दोबारा उत्तर प्रदेश का डिप्टी सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया।
कौन हैं ब्रजेश पाठक?
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का जन्म 25 जून 1964 को हरदोई जिले के मल्लावा कस्बे के मोहल्ला गंगाराम में हुआ था, उनके पिता का नाम सुरेश पाठक था। ब्रजेश पाठक ने कानून की पढ़ाई की है, लेकिन उन्होंने अपने राजनीति जीवन की शुरुआत अपने छात्र जीवन से की थी। 1989 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 1990 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। इसके 12 साल बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2002 के विधानसभा चुनाव में मल्लावां विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और 130 वोटों के करीबी अंतर से हार गए थे।
2004 में पहली बार बसपा के टिकट पर बने थे सांसद
ब्रजेश पाठक 2004 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। इसके बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर उन्नाव संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए। बसपा ने उन्हें सदन में अपना उपनेता बनाया। वहीं 2009 में मायावती ने ब्रजेश पाठक को राज्यसभा भेज दिया। वह सदन में बसपा के मुख्य सचेतक रहे। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उनकी पत्नी नम्रता पाठक को उन्नाव सदर विधानसभा सीट से टिकट दिया, लेकिन वह तीसरे नंबर पर रही। मायावती की सरकार के दौरान ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं, उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक उन्नाव लोकसभा सीट से दूसरी बार मैदान में थे, लेकिन मोदी लहर में वह यह चुनाव हार गए थे और तीसरे नंबर पर रहे।
2017 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में हुए थे शामिल
उत्तर प्रदेश में होने वाले 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 22 अगस्त 2016 को ब्रजेश पाठक बीजेपी में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें लखनऊ सेंट्रल विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। उन्होंने इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री रहे रविदास मेहरोत्रा को हराया और वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। बीजेपी की सरकार बनने के बाद उन्हें कानून मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक लखनऊ की कैंट विधानसभा से चुनाव लड़े और उन्होने जीत दर्ज की। 2022 में दोबारा बनी योगी सरकार में उन्हे प्रदेश का डिप्टी सीएम के साथ स्वास्थ्य मंत्री भी बनाया गया।

















