नादिया में BJP एजेंट लहूलुहान,

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान की शुरुआत शांत नहीं रही। बुधवार सुबह सात बजे जैसे ही 142 सीटों पर वोटिंग शुरू हुई, राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, तोड़फोड़ और झड़प की खबरें आने लगीं।सुरक्षा के कड़े इंतजामों और केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियों की तैनाती के बावजूद बंगाल का चुनावी मिजाज एक बार फिर आक्रामक नजर आ रहा है।कहीं पोलिंग एजेंट लहूलुहान हैं, तो कहीं EVM की खराबी ने मतदाताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर किन इलाकों में हुआ है सबसे ज्यादा बवाल और क्या सुरक्षा बल स्थिति को संभालने में कामयाब रहे?

नादिया में BJP एजेंट पर हमला

वोटिंग शुरू होते ही नादिया जिले के छपरा स्थित बूथ नंबर 53 से सनसनीखेज खबर सामने आई। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ टीएमसी से जुड़े ‘उपद्रवियों’ ने उनके एक पोलिंग एजेंट के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, ठीक उसी समय जब वोटिंग की तैयारियां चल रही थीं और पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने बूथों की ओर जा रहे थे। छपरा विधानसभा क्षेत्र से BJP उम्मीदवार, सैकत सरकार ने दावा किया कि उनकी पार्टी का एक बूथ एजेंट पोलिंग स्टेशन जाते समय हमले का शिकार हो गया।

रॉड और बंदूक के बट से अटैक करने का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों ने उस कार्यकर्ता पर हमला किया। सरकार के अनुसार, हमलावरों ने हमले के दौरान लाठियों, रॉड और यहां तक कि बंदूक के बट का भी इस्तेमाल किया, जिससे एजेंट गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल पोलिंग एजेंट को तुरंत इलाज के लिए पास के एक अस्पताल ले जाया गया। BJP ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपने कार्यकर्ताओं को डराने और वोटिंग प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश बताया है।

ISF एजेंट को भी बनाया निशाना

उसी जिले से एक अलग घटनाक्रम में, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) से जुड़े एक पोलिंग एजेंट पर भी हमले के आरोप लगे हैं। इससे पता चलता है कि वोटिंग के दौरान तनाव केवल दो पार्टियों तक ही सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें क्षेत्र के कई राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं।इन रिपोर्टों ने चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है, खासकर उन क्षेत्रों में जो कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए जाने जाते हैं।

स्वतंत्र और निष्पक्ष वोटिंग को लेकर चिंताएं

इस तरह की घटनाएं शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने अक्सर हिंसा को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोग बिना किसी डर के अपना वोट डाल सकें, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है।

EVM की खराबी और सुरक्षा बलों से भिड़ंत

बाली (Bally) में स्थिति तब बिगड़ गई जब एक पोलिंग बूथ पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खराबी आ गई। मशीन में आई तकनीकी गड़बड़ी ने मतदाताओं और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों के बीच तीखी बहस को जन्म दिया, जिसने देखते ही देखते झड़प का रूप ले लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीआरपीएफ ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।

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