दिल्ली ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा: शाहीन और मुजम्मिल का कनेक्शन गहराया

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए भीषण ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सुरक्षा एजेंसियों को कई चौंकाने वाले सुराग मिल रहे हैं। इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। यह फिदायीन हमला बताया जा रहा है, जिसे डॉ. उमर नाम के आतंकी ने अंजाम दिया था। प्रारंभिक फॉरेंसिक विश्लेषण में बताया गया कि धमाका अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) और अन्य हाई-एक्सप्लोसिव का मिश्रण था। अब इस हमले की कड़ी डॉ. शाहीन शाहिद और कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई से जुड़ती जा रही है।

जांच में खुलासा हुआ है कि शाहीन ने 25 सितंबर 2025 को एक नई ब्रेजा कार खरीदी थी, यानी ब्लास्ट से करीब दो महीने पहले। कार खरीदते समय ली गई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें शाहीन के साथ मुजम्मिल और अब्दुल्ला नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में शाहीन मिठाई का डिब्बा लिए दिखाई देती है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह उनके लिए एक खास अवसर था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कार खरीदना महज संयोग नहीं, बल्कि मॉड्यूल की साजिश का अहम हिस्सा था।

डॉ. शाहीन शाहिद करीब 40 वर्ष की हैं और लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में मेडिकल लेक्चरर रह चुकी हैं। आरोप है कि वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग की भारतीय शाखा की कमांडर थीं और महिलाओं को संगठन में भर्ती करती थीं। बताया जा रहा है कि वह सीधे मसूद अजहर की बहन सादिया से निर्देश लेती थीं। 11 नवंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी ATS ने उन्हें फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उनकी कार से AK-47 राइफल मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

शाहीन का कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई से कथित प्रेम संबंध भी जांच के दायरे में है। मुजम्मिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में प्रोफेसर थे और JeM के व्हाइट कॉलर मॉड्यूल के एक प्रमुख सदस्य बताए जा रहे हैं। वह तुर्की यात्रा के दौरान विदेशी हैंडलर्स से मिले थे और आरोप है कि वही फिदायीन हमलों की प्लानिंग कर रहा था। 10 नवंबर को मुजम्मिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों की गिरफ्तारी ने इस मॉड्यूल के बड़े नेटवर्क को उजागर किया है।

एजेंसियों के अनुसार यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था। शाहीन जहां महिलाओं को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ने और संगठन से जोड़ने का काम करती थीं, वहीं मुजम्मिल रणनीतिक और मेडिकल सहायता से इस मॉड्यूल की प्लानिंग को आगे बढ़ाता था। दिल्ली ब्लास्ट में उपयोग की गई I20 कार, विस्फोटक की तैयारी और हमलावर की सहायता—सब कुछ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल से जुड़े और लोगों को पकड़ने के लिए देशभर में छापेमारी कर रही हैं। जांच में मिले डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बरामद हथियारों की फॉरेंसिक रिपोर्ट से अब यह साफ होता जा रहा है कि दिल्ली ब्लास्ट एक पूर्व-नियोजित बड़ी आतंकी साजिश थी। इस घटना ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को फिर सतर्क कर दिया है और राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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