मुजफ्फरनगर में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने निवेश, ट्रेडिंग और क्रिप्टो के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर मेरठ जोन और सहारनपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। पूरे मामले की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में की जा रही थी, जबकि पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रविंद्र प्रताप सिंह और साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह की टीम ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
जांच की शुरुआत गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिम्ब” पर सामने आए एक संदिग्ध बैंक खाते से हुई। यह खाता मुजफ्फरनगर से जुड़ा हुआ था और इसमें निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जा रहे थे। जब साइबर पुलिस ने इस खाते की गहन जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। केवल सात दिनों के भीतर इस खाते में करीब 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। आगे की जांच में पता चला कि इस खाते से जुड़े कुल 46 शिकायतें दर्ज हैं।
इन शिकायतों का विश्लेषण करने पर यह सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों को झांसे में लेकर कुल 14 करोड़ 8 लाख 74 हजार 944 रुपये की ठगी की है। आरोपी लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश योजनाओं में पैसा लगवाते थे और बाद में संपर्क तोड़ देते थे। साइबर थाना टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान निवेश योजना, ट्रेडिंग ऐप या क्रिप्टो ऑफर में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।
























































