मुजफ्फरनगर के थाना खालापार पुलिस ने नशीली दवाइयों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से “स्पासमोर” कंपनी के ट्रामाडोल हाईड्रोक्लोराइड और डाईक्लोमाइन हाईड्रोक्लोराइड साल्ट से बने 54 कार्टून प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता था। पुलिस टीम गहरा बाग वाले रास्ते पर संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी एक कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार दो युवक पुलिस को देखकर घबरा गए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अश्वनी शर्मा निवासी जैननगर खतौली तथा विनोद कुमार निवासी दयालपुरम खतौली बताए। कार से दो गत्ते के कार्टून बरामद हुए, जिनमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल मिले। जांच में पता चला कि अश्वनी शर्मा पहले से थाना खालापार में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहा था।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की सप्लाई करता है। गिरोह ने सागर नामक युवक के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर “आरएस इंटरप्राइजेज” नाम से फर्म रजिस्टर्ड कराई थी। उसी फर्म के नाम से फर्जी बिल तैयार कर गोरखपुर निवासी शंशाक से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से नशीली दवाइयों की खेप मंगाई जाती थी। इसके बाद मांग के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाया जाता था। आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके कई साथी पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं, लेकिन वे बच निकले थे। बाद में गिरोह ने फिर से गोरखपुर से नशीली दवाइयों की खेप मंगाकर सुजडू गांव के पास एक खंडहरनुमा गोदाम में छिपा दी थी।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम अतिरिक्त बल के साथ गोदाम पहुंची, जहां एक युवक भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान यशपाल ग्रोवर निवासी गांधी कॉलोनी नई मंडी के रूप में हुई। गोदाम से तिरपाल के नीचे रखे 52 कार्टून बरामद किए गए। कार से मिले दो कार्टून मिलाकर कुल 54 कार्टून प्रतिबंधित कैप्सूल जब्त किए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है तथा पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।
























































