नवी मुंबई मेयर चुनाव में शिंदे गुट को बड़ा झटका,

नवी मुंबई में बीजेपी का दबदबा सामने आया है। नवी मुंबई महानगरपालिका के चुनावों में बीजेपी की सुजाता पाटिल को मेयर चुना गया। नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) का महापौर निर्विरोध चुना गया।वहीं दशरथ भगत उपमहापौर होंगे। नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि महापौर पद के लिए सरोज रोहिदास पाटिल और उपमहापौर पद की दौड़ से आकाश बालकृष्ण माधवी द्वारा अपना नाम वापस ले लेने के बाद सुजाता व दशरथ को निर्विरोध चुना गया। मेयर बनने के बाद सुजाता पाटिल कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक के साथ मीडिया से रुबरू हुईं। सुजाता पाटिल गणेश नाईक के करीबी और विश्वासपात्र सूरज पाटिल की पत्नी हैं।

विपक्ष में बैठी शिंदे की पार्टी
सुजाता पाटिल पूर्व में पार्षद और महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रह चुकीं हैं। पाटिल ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और परिवहन की योजना उनकी प्रमुख प्राथमिकता रहेंगी। मेयर चुनाव संपन्न होने के बाद पूर्व सांसद संजीव नाईक ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और शिवसेना के बीच जो मतभेद नजर आ रहे थे, वे अब मिट चुके हैं। उन्होंने कहा कि महायुति नवी मुंबई के विकास के लिए एकजुट होकर काम करेगी। भले ही शिवसेना विपक्ष में बैठे लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वह विकास कार्यों का समर्थन करेगी। नवी मुंबई महानगरपालिका के 111 सदस्यों के लिये 15 जनवरी को हुए चुनाव में भाजपा ने 65 सीटें जीती थीं, जबकि शिवसेना को 43 सीटें मिलीं। शिवसेना (उबाठा) को दो सीटें और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गई थी।


मेयर ने किया साफ हवा का वादा

मेयर सुजाता पाटिल (45) M.Com ग्रेजुएट हैं। सुजाता पाटिल ने कहा कि सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ट्रैफिक प्लानिंग उनकी मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। नवी मुंबई के बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस मुद्दे का गहराई से अध्ययन करने के लिए कम से कम एक महीना लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं। यह समझने के लिए मुझे कुछ समय चाहिए। पाटिल अभी वार्ड नंबर 23 (ए) से कॉर्पोरेटर हैं।

ठाणे में जन्में भगत बने डिप्टी
डिप्टी मेयर दशरथ सीताराम भगत दो दशकों भाजपा में हैं। उनका जन्म 8 अगस्त, 1968 को ठाणे जिले के वाशीगांव में हुआ था। वह पहली बार 2000 में कॉर्पोरेटर चुने गए थे और तब से उनका राजनीतिक सफर बिना किसी रुकावट के जारी है। उन्होंने कॉर्पोरेटर के रूप में कई कार्यकाल दिए हैं। वह नवी मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं। विपक्ष के नेता (2005-2007) रहे हैं। भगत ने वार्ड नंबर 18 से जीते हैं। यहां पूरा पैनल बीजेपी का जीता है।

गणेश नाईक का चला सिक्का
नवी मुंबई महानगरपालिका चुनावों में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी ने गणेश नाईक को कमान सौंपी थी। फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक भरोसे पर खरे उतरे। उन्होंने एमएमआर के इस उपनगर में न सिर्फ भगवा लहराया बल्कि शिवसेना को विपक्ष में बैठने के लिए मजबूर कर दिया। गणेश नाईक महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेताओं में है। वह जिस पार्टी के साथ रहे हैं नवी मुंबई महानगरपालिका पर उसी का कब्जा रहा है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts