मुजफ्फरनगर। जनपद में नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत पुलिस ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर की 80 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 34 चल–अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक की सबसे बड़ी जब्ती माना जा रहा है। इस कार्रवाई से प्रदेशभर के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के निशाने पर शाहजहांपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी बाबू उर्फ रियाज उर्फ असफाक था, जो लंबे समय से बड़े पैमाने पर स्मैक की तस्करी में संलिप्त था। इससे पहले थाना बुढ़ाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करोड़ों रुपये की स्मैक बरामद की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी।एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल के नेतृत्व में गठित टीम ने जब आरोपी की आर्थिक गतिविधियों की गहराई से जांच की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
जांच में पता चला कि आरोपी ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने और अपने परिजनों के नाम पर भारी मात्रा में संपत्तियां खरीद रखी थीं। पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को विस्तृत रिपोर्ट भेजी। इसके बाद 24 मार्च 2026 को संपत्तियों के जब्तीकरण का अंतिम आदेश जारी किया गया।26 और 27 मार्च को शाहजहांपुर और बरेली में संयुक्त रूप से चली इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विशाल कृषि भूमि, रिहायशी प्लॉट, आलीशान मकान, एक चार मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, ईंट भट्टे, भव्य शोरूम और कई कीमती वाहनों को कुर्क किया। इन सभी संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत 80 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि अब अपराधियों के लिए अवैध कमाई को छिपाना आसान नहीं होगा।इस सफलता पर एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार से अर्जित की गई अवैध संपत्ति अब किसी भी हालत में सुरक्षित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत यह अभियान लगातार जारी रहेगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों की आर्थिक कमर इसी तरह तोड़ी जाएगी। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस बड़ी उपलब्धि की शासन स्तर पर भी सराहना की जा रही है, जिससे साफ है कि प्रदेश में नशे के खिलाफ कार्रवाई और अधिक तेज होने वाली है।















