दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकी उमर के सहयोगी शोएब को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब एजेंसी की टीम लगातार कई दिनों से मामले से जुड़े नेटवर्क को सुलझाने में लगी हुई थी। दिल्ली में हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं और हर पहलू पर तेजी से कार्रवाई की जा रही थी। उसी कड़ी में NIA को शोएब की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिसके आधार पर उसे फरीदाबाद से पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, शोएब आतंकी उमर का बहुत करीबी माना जाता है और उस पर उमर को छिपाने, उससे संपर्क बनाए रखने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में शोएब की भूमिका अप्रत्यक्ष तौर पर सामने आई थी, जिसके बाद NIA ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि शोएब फरीदाबाद में गुप्त रूप से रहकर अपने नेटवर्क के लोगों से संपर्क करता था और धमाके से पहले और बाद में कई संदिग्ध कॉल भी किए गए थे।
NIA की एक विशेष टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर फरीदाबाद में छापेमारी की। बताया जाता है कि शोएब को पकड़ने के दौरान टीम ने उसके ठिकाने से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी, जिससे आतंकी नेटवर्क के और सरगनाओं तक पहुंचने की उम्मीद है। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि शोएब न सिर्फ उमर के लिए काम कर रहा था बल्कि उससे जुड़े कुछ अन्य संदिग्ध तत्वों से भी संपर्क में था, जिन्हें ट्रैक करने के लिए एजेंसी लगातार काम कर रही है।
दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए थे कि मामले की तह तक पहुंचा जाए और इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए NIA ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी अब शोएब से पूछताछ कर रही है और उससे प्राप्त जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
NIA का मानना है कि आतंकी उमर और उसके सहयोगियों ने दिल्ली में दहशत फैलाने की कोशिश की थी और नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था। शोएब की गिरफ्तारी के बाद जांच टीम को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी मदद से इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या दिल्ली ब्लास्ट किसी बड़े आतंकवादी मॉड्यूल का हिस्सा था या यह अलग-थलग घटना थी।
कुल मिलाकर, शोएब की गिरफ्तारी को NIA की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अब सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को रोका जा सके।















