कोर्ट रूम में वादकारियों से मारपीट के आरोपी दो अधिवक्ताओं समेत छह पर 15 लाख रंगदारी मांगने में एक और केस दर्ज हुआ है। करेली निवासी किसान का आरोप है कि रणविजय सिंह और मोहम्मद आसिफ ने अपने चार अन्य साथियों संग कार में खींचकर उससे 15 लाख रंगदारी मांगी और आठ हजार नकद भी ले लिए।पुश्तैनी जमीन बेचने को राजी ना होने पर मारापीटा और जान बचाकर भागने पर फायरिंग की। उसकी तहरीर पर दोनों अधिवक्ताओं समेत चार नामजद व दो अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है।
अली अहमद पुत्र महताब ग्राम बक्शी मोढ़ा थाना करेली का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पुश्तैनी जमीन बक्शी मोढ़ा में है, जिस पर अधिवक्ता मो.आसिफ निवासी ग्राम बक्शी मोढ़ा, भूट्टू उर्फ आमिर व उसका भांजा शाहिद एडवोकेट निवासी बेली गांव और रणविजय सिंह एडवोकेट निवासी कालिन्दिपुरम की निगाह है। आरोप है कि उक्त संपत्ति को हड़पने की नीयत से उसे लगातार धमकी दी जा रही थी। 10 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे वीरमपुर मदरसे के मोड़ पर आरोपियों ने चारपहिया वाहन से आकर उसे घेर लिया। गाड़ी से छह लोग उतरे। इनमें से रणविजय सिंह के हाथ में तमंचा था और बाकी लोग हाथ में डंडे लिए थे।
गाड़ी से उतरने के साथ ही आसिफ, भूट्टू व शाहिद ने उसे पकड़ लिया और रणविजय ने तमंचा अड़ाकर कहा कि जमीन क्यों नहीं देता। उसने पुश्तैनी जमीन बेचने से इन्कार किया तो इतने में सभी उसे पीटते हुए गाड़ी में खींच ले गए। इसके बाद गाड़ी के अंदर आसिफ ने सादे स्टाम्प पर जबरन अंगूठा लगवा लिया और कहने लगा कि अगर जमीन नही देनी तो अभी 15 लाख रंगदारी दो। उसने घबराकर अपने पास पड़े आठ हजार रुपये दिए तो सभी उसे पीटने लगे। यही नहीं, पीटते-पीटते गाड़ी से उतार लिया।
आरोप यह भी है कि वह किसी तरह जान बचाकर भागा तो रणविजय सिंह ने तमंचे से गोली चलाई जो उसके कान के बगल से निकल गई। इसके बाद वह मदरसे की तरफ जान बचा कर भाग गया। डरा सहमा होने के कारण ही वह तहरीर नहीं दे सका था। परिवारवालों के हिम्मत दिलाने के कारण अब प्रार्थना पत्र दे रहा है। करेली थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मोहम्मद आसिफ, रणविजय सिंह, शाहिद व भुट्टू उर्फ़ आमिर को नामजद किया गया है, जबकि दो अज्ञात आरोपी भी बनाए गए हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच-पड़ताल की जा रही है।
अतीक का करीबी है भुट्टू
बेली गांव निवासी भुट्टू अतीक का करीबी है। 2020 में माफिया के खिलाफ चले अभियान के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कछार में अवैध तरीके से बने उसके तीन मंजिला लाॅज को भी बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया था। पिछले दिनों बेली कछार में अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा कर प्लाटिंग करने के मामले में भी उसका नाम चर्चा में आया था। इसी साल रंगदारी मांगने और मारपीट करने के मामले में उसे गिरफ्तार भी किया गया था। साथ ही तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर ने गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी लग्जरी कार कुर्क करने के लिए अनुमति भी मांगी थी।















