पंजाब में किसानों के खिलाफ बर्बरता और किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी दी कि यदि दमनकारी नीति जारी रही, तो देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
भाकियू नेता विकास शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की किसान विरोधी नीतियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर हिटलरशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू के वरिष्ठ नेता राजू पीनना ने कहा कि सरकार लगातार किसानों का शोषण कर रही है। देश का अन्नदाता आत्महत्या करने को मजबूर है, और जब वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करता है, तो उसे रोका जाता है। उन्होंने भाकियू की ओर से इस दमनचक्र की कड़ी निंदा की।
ज्ञापन सौंपने से पहले किसानों और पदाधिकारियों ने कचहरी परिसर में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। बड़ी संख्या में एकत्रित किसानों ने ‘किसान एकता जिंदाबाद’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए।
भाकियू ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस मौके पर संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।















