डोनाल्ड ट्रेंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद इजराइली पीएम उनसे पहली मुलाकात करने के लिए रवाना हो चुके हैं. बेंजामिन नेतन्याहू का ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब गाजा युद्ध विराम का पहला चरण खत्म होने को है.बेंजामिन ने विमान में सवार होने से पहले कहा, “वे ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद व्हाइट हाउस में उनसे मिलने वाले पहले विदेशी नेता हैं, ये इजराइल-अमेरिकी गठबंधन की मजबूती का प्रमाण है. यह हमारी व्यक्तिगत दोस्ती की मजबूती का भी प्रमाण है.नेतन्याहू ने अपनी यात्रा से पहले ये भी कहा, “मेरा मानना है कि हम सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं, शांति बना सकते हैं. ताकत के माध्यम से शांति के एक उल्लेखनीय युग को प्राप्त कर सकते हैं.”
किस मुद्दे पर होगी चर्चा?
नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राजधानी में उनकी बैठकों में इजराइल और क्षेत्र के सामने मौजूद खास और नाजुक मुद्दों पर चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि बातचीत में हमास पर विजय, हमारे सभी बंधकों की रिहाई और ईरानी आतंकवादी धुरी से निपटना शामिल हैं. साथ ही कहा कि ईरान का एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस अरब के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए घातक है.
ट्रंप से इशारा मिलते ही छिड़ेगी फिर जंग?
बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में पूरी तरह से युद्ध खत्म नहीं करना चाहते हैं. पिछले महीने हुए युद्ध विराम की वजह से राइट विंग सोच के नेता नेतन्याहू का विरोध कर रहे हैं. ट्रंप के साथ इस बैठक में वह इजराइल के लिए और मदद की डिमांड रख सकते हैं.कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप का इशारा मिलते ही नेतन्याहू गाजा में फिर से हमला शुरू कर देंगे. ट्रंप पहली ही एक बयान में गाजा को साफ करने का कह चुके हैं और वहां रहने वाले लोगों को मिस्र और जॉर्डन में बसाने की बात कर चुके हैं.























































