बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर उनकी ही देश की वर्तमान यूनुस सरकार जासूसी करवा रही है। यह सनसनीखेज खुलासा खुद सरकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने मीडिया से बातचीत में किया है। आलम ने स्वीकार किया कि दिल्ली में रह रहीं शेख हसीना की हर गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए बांग्लादेश सरकार ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है, जो उनकी यात्राओं, मुलाकातों और राजनीतिक संपर्कों पर नजर रख रहा है।द डेली स्टार अखबार के मुताबिक, शफीकुल आलम ने शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी कार्यकर्ता या नेता शेख हसीना से संपर्क में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आलम ने स्पष्ट कहा कि पार्टी के पुराने नेता अब हसीना से दूरी बनाए रखें, क्योंकि सरकार के पास उनकी निगरानी के पूरे इंतजाम हैं।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार को आशंका है कि शेख हसीना भारत में रहकर राजनीतिक गतिविधियां संचालित कर सकती हैं और प्रवासी समर्थकों के जरिए सरकार के खिलाफ माहौल बना सकती हैं। इसी कारण उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल नियमित रूप से ढाका को रिपोर्ट भेज रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम बांग्लादेश की राजनीति में तनाव को और बढ़ा सकता है। शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पहले से ही सरकार की नीतियों के खिलाफ खुलकर बोल रही है, और अब जासूसी की पुष्टि के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
3 इंटरव्यू के बाद हरकत में सरकार
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना का तख्तापलट हुआ था. सरकार जाने के बाद परिवार के साथ शेख हसीना दिल्ली आ गई थीं. हसीना दिल्ली में ही लोधी गार्डन के पास रह रही हैं. हसीना ने हाल ही में समाचार एजेंसी रॉयटर्स, एएफपी और द इंडिपेंडेंट को इंटरव्यू दिया है.इस इंटरव्यू के बाद से बांग्लादेश की सरकार हरकत में आ गई है. सरकार पर हसीना को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप है. हसीना पर बांग्लादेश में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें अधिकांश मुकदमे हत्या और भ्रष्टाचार से जुड़े हैं.
बांग्लादेश के प्रेस सचिव ने क्या कहा है?
प्रेस सचिव ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा- शेख हसीना को कई मौकों पर चुपचाप सोशल मीडिया के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए देखा गया है. हसीना ने बांग्लादेश में जुलाई विद्रोहियों को आतंकवादी कहा है. हम सरकारी एजेंसियों से लगातार हसीना के बारे में फीडबैक ले रहे हैं.शफीकुल आलम के मुताबिक सरकार हसीना की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होने दिया जाएगा. आवामी लीग के उन कार्यकर्ताओं की भी पहचान की जा रही है, जो लगातार शेख हसीना के संपर्क में है. उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.शफीकुल आलम ने आगे कहा- हसीना के खिलाफ कोर्ट का जैसे ही फैसला आएगा. हम भारत सरकार से संपर्क करेंगे. इसके बाद आगे की स्थितियों के बारे में आप सबको अपडेट करेंगे.
बांग्लादेश में शेख हसीना का मुद्दा
बांग्लादेश की सियासत में शेख हसीना का मुद्दा काफी अहम है. शेख हसीना के पिता शेख मुजीबउर रहमान ने बांग्लादेश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी. हसीना 2008 से 2024 तक बांग्लाेदश में प्रधानमंत्री पद पर रही हैं.हसीना का कहना है कि 2024 में अमेरिका और पाकिस्तान ने कट्टरपंथियों की मदद से उनकी सरकार गिरा दी. बांग्लादेश में वर्तमान में मोहम्मद यूनुस की सरकार है. मोहम्मद यूनुस का कहना है कि शेख हसीना ने सरकार में रहने के दौरान जुल्म किए.यूनुस के मुताबिक उन पर केस दर्ज है और कोर्ट में ट्रायल चल रहा है. बांग्लादेश के लोग शेख हसीना को भूल भी जाते, लेकिन हसीना लगातार बांग्लादेश में सोशल मीडिया के जरिए एक्टिव है.















