उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को पैन कार्ड से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। यह मामला दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने और दस्तावेजों में गलत जानकारी दर्ज कराने से जुड़ा हुआ था। कोर्ट द्वारा दिए गए कड़े फैसले को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है, क्योंकि आज़म खान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और अब्दुल्ला आज़म युवा नेताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
इस फैसले के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि सत्ता का घमंड जब नाइंसाफी की हदें पार कर देता है, तो ऐसे लोगों का अंत बेहद बुरा होता है। उन्होंने कहा कि सब कुछ जनता देख रही है और वक्त आने पर जवाब भी देगी। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म की तस्वीर भी साझा की और अप्रत्यक्ष रूप से योगी सरकार पर राजनीतिक द्वेष के चलते कार्रवाई करने का आरोप लगाया।सपा का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है, जबकि सरकार समर्थकों का दावा है कि कानून अपना काम कर रहा है। आज़म खान पहले भी कई मामलों का सामना कर चुके हैं और यह सजा उनके राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है। वहीं, यह घटनाक्रम रामपुर और आसपास की राजनीति को भी प्रभावित करेगा, जहां आज़म खान का वर्षों से प्रभाव रहा है।
आकाश सक्सेना ने बताया सत्य की जीत
यह मुकदमा 2019 में विधायक आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज करवाया गया था, जिसमें अब्दुल्ला आजम पर दो अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड रखने का आरोप था. आजम खान भी इस मुकदमे में आरोपी थे. फैसला आने के बाद शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना ने इसे सत्य की जीत बताया. कोर्ट के इस निर्णय से पिता-पुत्र दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दोनों को जेल भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर सपा पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर सकती है.
बीजेपी सरकार में संविधान और कानून का शासन खत्म
इससे पहले सोमवार को ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार, बेइमानी और लूट चरम का आरोप लगाते हुए निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी और उसकी सरकार हर तरह के भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. संविधान और कानून का शासन खत्म हो गया. बीजेपी की नीयत में खोट है. वह लोकतंत्र को बंधक बनाकर शासन करना चाहती है. बीजेपी सत्ता और शासन तंत्र का दुरुपयोग कर रही है. बीजेपी सरकार में फर्जी मुठभेड़ के साथ खुलेआम सांप्रदायिकता को बढ़ाने वाली भाषणबाजी की जा रही है.















